अयोध्या में बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ अनशन पर बैठे सपा सांसद अवधेश प्रसाद, बोले- जारी रहेगी पीड़ितों की लड़ाई
अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण के लिए मकानों पर हुई बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में सपा सांसद अवधेश प्रसाद अनशन पर बैठ गए हैं।
HighLights
अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग चौड़ीकरण के लिए बुलडोजर कार्रवाई।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने प्रभावित परिवारों के समर्थन में अनशन किया।
सपा ने भाजपा सरकार पर दमन का आरोप लगाया, पीड़ितों को न्याय का भरोसा।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण की जद में आए 11 मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद सियासत तेज हो गई है। बुधवार को सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने जनौरा नाका पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। इसके बाद वह मौके पर ही अनशन पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि लोगों के घर गिराना उचित नहीं है। समाजवादी पार्टी हर कदम पर पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी रहेगी और उनकी लड़ाई आगे भी जारी रखेगी।
इससे पहले सपा के पूर्व मंत्री पवन पांडेय भी पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचे थे। उन्होंने प्रभावित लोगों की सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से फोन पर बातचीत कराई। इसके बाद सांसद अवधेश प्रसाद के पहुंचने से मामला और राजनीतिक रूप से गरमा गया।
पीड़ितों को दिलाया भरोसा
प्रेसवार्ता में अवधेश प्रसाद ने भाजपा सरकार पर लोगों का दमन करने और घर गिराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के मकान कार्रवाई की जद में आए हैं, उनकी बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि सपा उनके साथ खड़ी है।
भाजपा नेता मुरारी यादव के पार्टी छोड़ने के सवाल पर सांसद ने कहा कि वह उन्हें पार्टी छुड़वाने नहीं गए थे। वह केवल बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे।
चढ़ावा चोरी प्रकरण पर भी उठाए सवाल
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण पर भी अवधेश प्रसाद ने जांच को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच में बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की गई, जबकि छोटे लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। सांसद ने कहा कि चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी की लड़ाई जारी रहेगी और आगे भी इस मामले को उठाया जाएगा।
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जनौरा नाका के पास 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण के लिए जिला प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों के बीच विरोध है। इसी मुद्दे को लेकर अब विपक्षी दलों की सक्रियता बढ़ने से प्रकरण राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है।
