अयोध्या में सावन में निकली श्रीराम लला की पालकी यात्रा, झूले पर विराजे रामलला
Ayodhya News: रामलला को कजरी व अन्य सावन गीत सुनाने का भी प्रबंध किया है। इसके लिए प्रतिदिन अलग अलग ...और पढ़ें

राम मंदिर से कुबेर टीला तक निकली यात्रा में पालकी पर सवार होकर रामलला ने परिसर का किया भ्रमण
HighLights
राम मंदिर से कुबेर टीला तक निकली यात्रा में पालकी पर सवार होकर रामलला ने परिसर का किया भ्रमण
ट्रस्ट की धार्मिक समिति के सदस्यों के साथ स्थानीय साधु संत व अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन भी हुए शामिल
जागरण संवाददाता, अयोध्या। राम मंदिर के भूतल पर विराजमान रामलला ने सावन शुक्ल तृतीया के दिन शनिवार को पालकी पर सवार होकर परिसर का भ्रमण किया। अपराह्न चार बजे के बाद राम मंदिर से निकली पालकी यात्रा में रामलला अपने तीनों भाइयों व माता जानकी के साथ विराजमान हुए और कुबेर टीला तक जाकर परिसर का भ्रमण और कुबेरेश्वर महादेव का दर्शन किया।
पालकी यात्रा में ट्रस्ट की धार्मिक समिति के सदस्य राजकुमार दास, आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण, डा. रामानंद दास, ट्रस्टी महांत दिनेंद्र दास, ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन सहित प्रमुख मंदिरों के साधु-संत और बड़ी संख्या में भक्तगण व ट्रस्ट कर्मी शामिल रहे।
पालकी यात्रा कुबेर टीला तक जाकर फिर राम मंदिर वापस पहुंची, यहां विधि-विधान से अर्चकों ने मंत्रोच्चार के बीच रामलला व उनके अनुजों के चल विग्रहों को स्वर्ण-रजत मिश्रित हिंडोले पर विराजमान कराकर झूला विहार कराया। शनिवार को रात्रि की शयन आरती तक रामलला का झूला विहार हुआ। अब सावन शुक्ल पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन तक प्रतिदिन रामलला झूला विहार करेंगे।
अर्चक उन्हें श्रृंगार आरती के पश्चात झूले पर विराजमान कराएंगे और मध्याह्न में विश्राम कराकर फिर झूले पर बैठाकर शयन आरती पूर्व तक झूला विहार कराएंगे। इसके पश्चात उनका रात्रि विश्राम होगा। इस दौरान राम मंदिर में रामलला का दर्शन करने आने वाले भक्तों को उनके झूला विहार का दिव्य दर्शन भी प्राप्त होगा। ट्रस्ट ने रामलला को कजरी व अन्य सावन गीत सुनाने का भी प्रबंध किया है। इसके लिए प्रतिदिन अलग अलग टोली गीत प्रस्तुत करेगी और ट्रस्ट उन्हें प्रतिदिन मानधन का भुगतान करेगा। सावनभर दर्शनार्थियों को धनिया मिश्रित पंजीरी का प्रसाद भी वितरित किया जाएगा।
झूलनोत्सव के समस्त कार्यक्रम श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की धार्मिक समिति के निर्देशन में संपन्न होंगे। ट्रस्ट की धार्मिक समिति की ओर से गत दिनों लिए गए निर्णय के अनुसार इस वर्ष राम मंदिर में झूलनोत्सव सावन शुक्ल तृतीया तिथि से प्रारंभ हुआ है। पहले राम मंदिर में झूलनोत्सव सावन शुक्ल पंचमी तिथि से प्रारंभ होकर पूर्णिमा तक चलता था।
