रामलला की कलाई पर सज्जित होगी राखियां, CM योगी समेत देशभर के भक्तों ने भेजे रक्षा सूत्र; कब है शुभ मुहूर्त?
अयोध्या में 28 अगस्त को रामलला को देश भर से भेजी गई राखियां अर्पित की जाएंगी, जिसमें सीएम योगी की राखी भी शामिल है।

रामलला की कलाई पर सज्जित होगी राखियां।
HighLights
28 अगस्त को रामलला को रक्षा सूत्र अर्पित होंगे।
सीएम योगी सहित सौ से अधिक भक्तों ने भेजी राखियां।
सुबह 9:57 बजे तक है रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त।
प्रवीण तिवारी, अयोध्या। 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व का शुभ मुर्हूत है। इस अवसर पर रामलला को भक्तों की ओर से भेजे गये रक्षा सूत्र अर्पित किए जाएंगे। इससे पहले नित्य की तरह ही रामलला का भोर में जागरण करा कर उन्हें भोग अर्पित कर मंगला आरती की जाएगी। तत्पश्चात नूतन वस्त्र व आभूषण धारण कराये जाएंगे। फिर भोग लगाते हुए श्रृंगार आरती होगी, इसके बाद अर्चक भगवान के हाथ में राखी बांधेंगे।
बैंक में ट्रस्ट के हस्ताक्षरी व प्रोजेक्ट इंजीनियर जगदीश आफले ने बताया कि मंदिर में रक्षा बंधन पर्व मनाया जाएगा। हम सभी रहेंगे। रक्षा सूत्र कहां -कहां से आए हैं, ये बता पाना संभव नहीं है।
इस बीच सौ से अधिक भक्तों की ओर से रामलला को राखी भेजे जाने की सूचना है। कई राखियां श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र कार्यालय में आ चुकी हैं। प्रति वर्ष की भांति सीएम योगी आदित्यनाथ के भेजे रक्षा सूत्र भी पहुंच गये हैं। इसके अतिरिक्त मध्य प्रदेश के मंदसौर से भिन्न-भिन्न सात महिला भक्तों ने भगवान के लिए राखी भेजी है।
वहीं की ऊषा कुमावत ने इस बार भी राखी भगवान के एक अर्चक को सौंपी। ऊषा पहले राम मंदिर की सुरक्षा में तैनात रह चुकी हैं। वह सीआरपीएफ में थी। यहां रहते हुए उन्होंने भगवान को अपना भाई मान लिया था, तब से रामलला को रक्षा सूत्र अर्पित करती हैं। वह लगभग डेढ़ दशक पहले यहां तैनात थीं।
इसी तरह सहारनपुर की शांति सैनी व महाराष्ट्र की एक गुमनाम भक्त ने भी राखी भेजी है। ये राखी अर्चकों या ट्रस्टियों के पास हैं। इसके अतिरिक्त सुलतानपुर की प्रिया रानी, मध्य प्रदेश के शहडोल के संध्या शुक्ला की भी राखी आई है। रामनगरी की पूनम पांडेय, रुचि, नीलम गोस्वामी सहित कई महिलाओं ने रामलला को राखी भेजी हैं।
मंदिर व्यवस्था से जुड़े एक कर्मचारी ने बताया कि सौ से अधिक राखियां पहुंच गई हैं। कई राखियां अभी अप्राप्त हैं। डाक के अलावा भक्त यहां आकर भी ट्रस्ट कार्यालय में राखियां जमा करते हैं। दान काउंटर पर जाकर भोग के लिए भी आस्था अर्पित करते हैं।
ट्रस्टी महांत दिनेंद्रदास ने बताया कि प्रतिवर्ष की तरह इस बार भक्तों ने राखियां भेजी हैं पर उनकी संख्या कितनी है, यह बताना संभव नहीं है। वह बताते हैं कि कई भक्त अपने साथ राखी लेकर आते हैं। काउंटर पर भी देते हैं। सभी राखियों को भगवान के सम्मुख रखा जाता है। अर्चक रामलला को बांधते भी हैं।
ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश तिवारी ने बताया कि शुक्रवार को रक्षा बंधन का अति शुभ मुहूर्त सूर्योदय से नौ बजकर 57 मिनट तक है। पूर्णिमा की उदया तिथि दिन भर होने के कारण दिनभर राखी बांधी जा सकती है, लेकिन सबसे अच्छा समय सुबह का है।
