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शरद पूर्णिमा पर रामलला को लगाया गया 'खीर' का विशेष भोग, गर्भगृह के बाहर हुए धार्मिक अनुष्ठान

Published: Mon, 26 Oct 2026 09:06 AM (IST)

रामजन्मभूमि परिसर में शरद पूर्णिमा का पर्व धूमधाम से मनाया गया, जिसमें रामलला का विशेष पूजन-अर्चन और भव्य श्रृंगार किया गया।

तस्वीर- फाइल।

तस्वीर- फाइल।

HighLights

  1. रामलला का विशेष पूजन-अर्चन व भव्य श्रृंगार हुआ।

  2. मध्य रात्रि भगवान को खीर का विशेष भोग अर्पित।

  3. सोमवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती भी मनाई जाएगी।

जागरण संवाददाता, अयोध्या। रामजन्मभूमि परिसर में भी रविवार को शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया गया। इस अवसर पर रामलला का विशेष पूजन-अर्चन व भव्य श्रृंगार हुआ। इसके साथ मध्य रात्रि भगवान को खीर का विशेष भोग अर्पित किया गया। इस आयोजन के दौरान परिसर की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध रहे।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात्रि में चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है। इस रात्रि चंद्रमा की किरणों से अमृतवर्षा होने की मान्यता है। इसी भाव से खीर को खुले आकाश के नीचे चांदनी में रख कर मध्यरात्रि के पश्चात उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करने की परंपरा है।

प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी रामलला को विशेष खीर का भोग लगाकर उत्सवी वातावरण में पारंपरिक पदगायन हुआ। राम मंदिर के धार्मिक व्यवस्था प्रमुख इंद्रदेव मिश्र ने बताया कि संध्या आरती के उपरांत रामलला के चल विग्रह को गर्भगृह के बाहर स्थित उत्तरी चबूतरे पर लाया गया।

इसी स्थल पर शरद पूर्णिमा के विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। इस दौरान ट्रस्टी महांत दिनेंद्रदास व डॉ. निर्मला यादव, सीईओ सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र, अर्चक प्रमुख आचार्य केशव शर्मा सहित रामलला के कई अर्चक, ट्रस्ट कर्मी व सुरक्षा से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।

आज मनाई जाएगी महर्षि वाल्मीकि जयंती

रामजन्मभूमि परिसर में भी सोमवार को महर्षि वाल्मीकि की जयंती हर्षोल्लास पूर्वक मनाई जाएगी। इस अवसर पर परिसर में निर्मित वाल्मीकि मंदिर की भव्य साज-सज्जा कराई गई है। वाल्मीकि समाज के संतों, विशिष्ट प्रतिनिधियों व ट्रस्ट के प्रमुख लोगों को आमंत्रित किया गया है। इससे जुड़े समस्त आयोजन ट्रस्टी डा. निर्मला यादव के नेतृत्व में संपन्न होंगे।

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