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रामनगरी में संत वेशधरियों का अभद्र आचरण, तुलसी उद्यान में बैठे युगल के साथ मारपीट और असभ्यता

By Ravi Srivastava Edited By: Dharmendra Pandey
Published: Thu, 04 Jun 2026 05:34 PM (IST)

Ayodhya News: पहले तो युवती जान बचाकर भागती है उसके बाद युवक को पिटता देख दौड़ कर उससे लिपट जाती है।

HighLights

  1. अयोध्या के तुलसी उद्यान में अराजकता का माहौल

  2. साधु वेशधारियों ने की गालियों की बौछार, लोग भी शरमा गए

जागरण संवाददाता, अयोध्या। रामनगरी में गुरुवार को दिन में तुलसी उद्यान में बैठे युगल से संतों की वेशभूषा में पहुंचे लोगों ने अभद्रता करने के अलावा मारपीट भी की। संत वेशधारी व्यक्तियों ने युगल को फिल्मी स्टाइल में दौड़ा-दौड़ा कर काफी देर तक पीटा।

तुलसी उद्यान में गुरुवार को दिन में एक युवती और युवक बैठे थे। इसी दौरान साधु वेशधारियों कई युवा पार्क में पहुंचे और दोनों पर अभद्र शब्दों की बौछार कर दी। इसके बाद लड़के को पीटने लगे, लड़के को पिटते देख लड़की भागी तो ‍उसको भी दौड़ा लिया। इस बीच लड़का भागा तो उसको गेट तक दौड़ाकर पीटा। उसको जमकर गालियां दीं।

अयोध्या के कोतवाली के नयाघाट चौकी क्षेत्र के तुलसी उद्यान में साधुवेशधारियों के युवक की पिटाई के दौरान पार्क में बैठे लोगों में अफरा तफरी मच गई। इन लोगों ने युवक को सड़क पर भी दौड़ा कर फिल्मी स्टाइल में पीटा। इसके बाद युवती ने आकर युवक को बचाया।

रामनगरी में घूमने आए युगल को अपमानजनक स्थिति का सामना करना पड़ा। दो साधुवेशधारियों ने युवक एवं युवती को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इसका वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। दैनिक जागरण प्रसारित वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

कोतवाल अयोध्या पंकज सिंह ने बताया कि प्रसारित वीडियो की पड़ताल कराई जा रही है। प्रसारित वीडियो पुराना प्रतीत होता है। एक मिनट 16 सेकेंड के प्रसारित वीडियो में दो साधुवेशधारी युवक एवं युवती पर हमला करते दिख रहे हैं। दोनों साधुवेशधारी नयाघाट क्षेत्र में स्थित तुलसी उद्यान के अंदर से युगल को पीटना शुरू करते हैं। उन्हें दौड़ाते हुए साधुवेशधारी युवक मुख्य मार्ग रामपथ पर लेकर आते हैं।

इसके बाद लात-घूंसों से दोनों को पीटने लगते हैं। पहले तो युवती जान बचाकर भागती है उसके बाद युवक को पिटता देख दौड़ कर उससे लिपट जाती है और साधुवेशधारियों ने दया की भीख मांगती नजर आती है। दोनों यह कहते हुए चले जाते हैं कि उन्हें छोड़ दें वह अब कभी अयोध्या नहीं आएंगे।