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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने Ayodhya काे बताया राम राज्य के आदर्श की शाश्वत प्रतीक

By Digital Desk Edited By: Dharmendra Pandey
Published: Fri, 16 Jan 2026 02:58 PM (IST)

Governor AnandiBen Patel in Ayodhya: राज्यपाल ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की 35 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण न ...और पढ़ें

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बटन दबाकर महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार पर श्रीराम की 35 फीट ऊंची प्रतिमा अनावरण की औपचारिकता का निर्वहन किया

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बटन दबाकर महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार पर श्रीराम की 35 फीट ऊंची प्रतिमा अनावरण की औपचारिकता का निर्वहन किया 

HighLights

  1. राज्यपाल ने किया श्रीराम की 35 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण

  2. महर्षि महेश योगी शाश्वत ज्ञान परंपरा के महान संवाहक: राज्यपाल

जागरण संवाददाता, अयोध्या: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शुक्रवार काे महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार पर श्रीराम की 35 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। राज्यपाल ने बटन दबाकर अनावरण की औपचारिकता का निर्वहन किया ।

प्रतिमा का अनावरण के बाद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भारतीय ज्ञान परंपरा पर केंद्रित गोष्ठी को संबोधित कियाा। राज्यपाल ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की 35 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण न सिर्फ स्थापत्य का प्रतीक है, बल्कि सांस्कृतिक चेतना का भी प्रतीक है। अयोध्या राम राज्य के आदर्श का शाश्वत प्रतीक है।

उन्हाेंने कहा कि भगवान श्री राम संस्कृत के केंद्र है। श्री राम ने यह संदेश दिया कि सत्ता सेवा का माध्यम है, शक्ति संयम से संचालित होती है और निर्णय लोकमंगल के लिए प्रेरित होना चाहिए। विकास की वास्तविक ऊंचाई मानव मूल्यों से ही प्राप्त होती है। श्री राम का जीवन यह सिखाता है कि हमारा आचरण, नीतियों में हो। वे राष्ट्र निर्माण के प्रत्येक आयाम में प्रतिबिंबित हों।
राज्यपाल ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा आधुनिक शिक्षा एक दूसरे के पूरक हैं। उन्हाेंने कहा कि शिक्षा ही स्थाई परिवर्तन की आधारशिला है। महर्षि महेश योगी ध्यान को मानव जीवन की संपूर्ण संभावनाओं के विकास का माध्यम मानते थे। महर्षि महेश योगी शाश्वत ज्ञान परंपरा के महान संवाहक थे।