यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Fraud News : राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का प्रसाद भेजने के नाम पर ठगे गए छह लाख से अधिक श्रद्धालु
Fraud in Name Of Prasad of Pran Pratishtha in Ayodhya विवेचना के दौरान प्रकाश में आया कि प्रसाद भेजने के ...और पढ़ें

HighLights
- वेबसाइट बनाकर 3.85 करोड़ रुपये की ठगी
- पुलिस ने 2.15 करोड़ कराए वापस
जागरण संवाददाता, अयोध्या : राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का प्रसाद आनलाइन भेजने के नाम पर छह लाख से अधिक श्रद्धालुओं से ठगी हुई। वेबसाइट बनाकर इन श्रद्धालुओं से कुल तीन करोड़ 85 लाख 55 हजार 739 रुपये ठगे गए। इसका रहस्योद्घाटन साइबर क्राइम पुलिस ने आधे से अधिक भुक्तभोगियों को उनकी ठगी गई धनराशि वापस कराने के बाद किया है।
पुलिस ने तीन लाख 72 हजार 520 पीड़ितों के खातों में दो करोड़ 15 लाख आठ हजार 426 रुपये वापस कराए हैं। शेष एक करोड़ 70 लाख 47 हजार 313 रुपये संबंधित पेमेंट गेटवे के माध्यम से शीघ्र वापस करा दिए जाएंगे। लाखों पीड़ितों के खाते तलाश कर धनराशि वापस कराने में साइबर क्राइम पुलिस को काफी परिश्रम करना पड़ा। इसमें एक वर्ष का समय लग गया। एसएसपी डा. गौरव ग्रोवर ने बताया कि घटना 17 जनवरी 2024 को प्रकाश में आई थी।
तत्कालीन थाना प्रभारी आलोक कुमार ने इसकी प्राथमिकी साइबर थाना में दर्ज कराई थी। गाजियाबाद निवासी आरोपित आशीष को कुछ दिन बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। आशीष के पास विदेशी पासपोर्ट भी मिला था। उसने वेबसाइट बना कर प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत प्रसाद भेजने का झांसा दिया था।
विवेचना के दौरान प्रकाश में आया कि प्रसाद भेजने के नाम पर आरोपित ने 51 रुपये तथा विदेशी श्रद्धालुओं के लिए 11 डालर की धनराशि सुविधा सप्लाई शुल्क के रूप में ली थी। छह लाख 30 हजार 695 से अधिक श्रद्धालुओं से तीन करोड़ 85 लाख 55 हजार 739 रुपये ठग लिए और प्रसाद भी नहीं भेजा।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी मोहम्मद अरशद के प्रयास से न्यायालय में पैरवी एवं बैंकों से संपर्क पर ठगी गई पूरी धनराशि को सीज करा दिया गया। इसके बाद धनराशि वापस कराई जा रही है।
