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अयोध्या में हिस्ट्रीशीटर रामलगन मौर्य की हत्या, वांछित राजमणि सिंह सहित पांच गिरफ्तार

Published: Sat, 29 Aug 2026 06:45 PM (GMT+05:30)

Ayodhya Crime News: आरोपित राज सिंह व उसके साथी मनीष शर्मा ने फर्जी पहचान पत्र के सहारे वाहन किराये पर ...और पढ़ें

राजमणि सिंह सहित पांच लोगों को पकड़ लिया गया

राजमणि सिंह सहित पांच लोगों को पकड़ लिया गया 

HighLights

  1. हत्यारोपितों ने किराये पर ली थी कार, पहले किया बम से हमला पांच आरोपित गिरफ्तार

  2. गोली मारने के प्रकरण में संदेह के दायरे में कुछ और लोग भी

संवाद सूत्र, अयोध्या। रामनगरी में हिस्ट्रीशीटर रामलगन मौर्य हत्याकांड में वांछित राजमणि सिंह सहित पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मुख्य अभियुक्त राजमणि सिंह भी पूराकलंदर थाना का हिस्ट्रीशीटर है। आरोपित ने रामलगन मौर्य की हत्या के बाद भागने के लिए लखनऊ से किराये पर कार ली थी। पुलिस ने कार भी बरामद कर ली है।

एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि गत 25 अगस्त को पूराकलंदर के कंदैला गांव में भूमि विवाद की पुरानी रंजिश को लेकर आरोपित राजमणि सिंह उर्फ राज सिंह ने अपने साथियों की मदद से रामलगन मौर्या पर पहले बमबारी की फिर गोली मार कर हत्या कर दी थी।

आरोपित राज सिंह व उसके साथी मनीष शर्मा ने फर्जी पहचान पत्र के सहारे वाहन किराये पर देने वाली लखनऊ स्काई लाइन से काली कार फर्जी पहचान पत्र के सहारे ली थी। इसके बाद अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। आरोपितों ने बाइक से अपनी मां पार्वती के साथ जा रहे रामलगन मौर्य पर गोलीबारी की थी। इस वारदात में रामलगन की मौत हो गई, जबकि उनकी मां पार्वती गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका उपचार लखनऊ मेडिकल कालेज में चल रहा है।

आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पूराकलंदर पुलिस के सहयोग में स्वाट टीम को भी लगाया गया था। छानबीन के बाद हत्या में शामिल राज सिंह सहित पांच लोगों को पकड़ा गया है। पुलिस ने कंदैला के राजमणि सिंह, दीपक प्रजापति व मनीष शर्मा और प्रतापगढ़ के कोहडौर घानापुर के सचिन उपाध्याय के साथ अमेठी के पीपरपुर के प्रांजल सिंह को गिरफ्तार किया है।

सचिन उपाध्याय बम बनाने में भी माहिर हैं। रामलगन मौर्य पर बमबारी के लिए उसी ने ही देशी बम तैयार किया था। एसएसपी ने बताया कि इस वारदात में कुछ लोगों के भी शामिल होने का संदेह है, जो षड़यंत्र बनाने सहित अन्य मामलों में संदिग्ध मिले हैं। उनकी भूमिका की भी जांच चल रही है। एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि आरोपितों ने, जिस फर्म से कार किराये पर ली थी उसे भी सूचित किया जाएगा, ताकि वह भी धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत करा सके।