मंदिर से हटाए गये कर्मियों का शरणालय बना तीर्थ क्षेत्र पुरम, अब तक चार कर्मी सेवामुक्त होकर पहुंचे
रामलला प्राण प्रतिष्ठा के दौरान भक्तों का ठिकाना रहा तीर्थ क्षेत्र पुरम अब मंदिर से हटाए गए ट्रस्ट कर्मियों का नया केंद्र बन गया है।

HighLights
राम मंदिर से हटाए गए कर्मियों को तीर्थ क्षेत्र पुरम भेजा गया।
अब तक चार कर्मचारियों को मंदिर की विभिन्न सेवाओं से मुक्त किया।
कम वेतन या अन्य कारणों से दो कर्मियों ने नौकरी छोड़ी।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा उत्सव में हजारो भक्तों का ठिकाना रहा तीर्थ क्षेत्र पुरम अब नई भूमिका में है। जो भी ट्रस्ट कर्मी मंदिर से हटाए जा रहे हैं, उनमें अधिकांश को तीर्थ क्षेत्र पुरम में ही अटैच किया जा रहा है।
अब तक चार कर्मियों को मंदिर के विभिन्न सेवाओं से मुक्त कर वहां भेजने की सूचना है। सबसे पहले मंदिर के व्यवस्थापक रहे गोपाल राव के करीबी सोमेश को यात्री सेवा केंद्र से हटाकर तीर्थ क्षेत्र पुरम भेजा गया। अभी कुछ दिन पूर्व ही कर्मी केडी तिवारी, बजरंग को भी मंदिर से हटा दिया गया।
इन दोनों के साथ ही एक और कर्मी को हटा दिया गया है। हालांकि ये कर्मचारी अभी तक तीर्थ क्षेत्र पुरम नहीं पहुंचे। इनको हटाए जाने के पीछे परिसर में तैनात महिला सीओ की संस्तुति चर्चा में है। बजरंग पाठक दर्शन व्यवस्था अहम अंग था। प्रसाद वितरण करते थे। एक समय इसकी भी तूती बोलती थी।
उधर अब तक दो कर्मियों ने कम वेतन या फिर अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए ट्रस्ट की नौकरी को छोड़ दी है। इसमें से एक ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्र का सहयोगी है। अभी कुछ कर्मचारी और हटाए जा सकते हैं।
