भारत के पहले मंदिर संग्रहालय का मानचित्र स्वीकृत, अयोध्या में टाटा फाउंडेशन करेगा निर्माण
अयोध्या में देश के पहले मंदिर संग्रहालय का मानचित्र स्वीकृत हो गया है। टाटा फाउंडेशन 52 एकड़ में 600 करोड़ की लागत से लक्ष्मण पथ किनारे इसका निर्माण करेगा।


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जागरण संवाददाता, अयोध्या। रामनगरी में देश के पहले मंदिर संग्रहालय की परिकल्पना अब धरातल पर उतरने के लिए तैयार है। अयोध्या विकास प्राधिकरण ने मंदिर संग्रहालय का मानचित्र स्वीकृत कर दिया है। अयोध्या को वैश्विक सांस्कृतिक पहचान दिलाने वाली इस महत्वाकांक्षी योजना को टाटा समूह की टाटा फाउंडेशन आकार देगी। निर्माण कार्य जमथराघाट क्षेत्र में लक्ष्मण पथ के किनारे राजघाट के समीप प्रस्तावित है।
संग्रहालय का भवन श्रीराम मंदिर से ऊंचा नहीं होगा। चूंकि यह क्षेत्र महायोजना के अंतर्गत रिस्ट्रिक्टेड टेंपल जोन में आता है, इसलिए यहां भवन की ऊंचाई के मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। श्रीराम मंदिर की ऊंचाई 49 मीटर है, जबकि संग्रहालय परिसर के भवन निर्धारित सात मीटर की ऊंचाई की सीमा के भीतर रहेंगे।
यह संग्रहालय 52 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला होगा। इसमें द्रविड़, नागर और वेसर सहित देश की विभिन्न मंदिर शैलियों की प्रदर्शनी और आर्ट गैलरी सजाई जाएगी। इसके निर्माण पर करीब 600 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसका वहन टाटा समूह स्वयं करेगा।
राज्य सरकार ने इसके लिए भूमि उपलब्ध करा दी है और चिह्नित भूमि की फेंसिंग का कार्य भी पूरा हो चुका है।इस संग्रहालय के माध्यम से श्रद्धालु और पर्यटक भारत की समृद्ध मंदिर परंपराओं, उनके गौरवशाली इतिहास और स्थापत्य शैली को एक ही स्थान पर देख और समझ सकेंगे।
मानचित्र स्वीकृत होने के बाद अब निर्माण कार्य में तेजी आएगी। परिसर में आधुनिक आर्ट गैलरी के साथ-साथ सभी मूलभूत सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुराज जैन ने कहा कि म्यूजियम आफ इंडियन टेंपल आर्किटेक्चर के रूप में विश्वस्तरीय संग्रहालय का मानचित्र स्वीकृत कर दिया गया है। इस संग्रहालय में देशभर की मंदिर स्थापत्य शैली, इतिहास और संस्कृति को आधुनिक एवं भव्य रूप में देखा जा सकेगा।
