अयोध्या के संतों ने चंपत राय को बताया निर्दोष, परमहंस बोले- चढ़ावा चोरी के पीछे अखिलेश की साजिश
अयोध्या में संतों और आम लोगों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय को निर्दोष बताया और ट्रस्ट से उनका त्यागपत्र स्वीकार न करने की अपील की।

अयोध्या के संतों ने चंपत राय को बताया निर्दोष।

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जागरण संवाददाता, अयोध्या। रामजन्मभूमि परिसर से लगे राम कचहरी मंदिर में संतों एवं आम लोगों ने बैठक की और राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में चंपतराय को निर्दोष बताया तथा रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से अपेक्षा जताई कि वह चंपतराय का त्यागपत्र स्वीकार न करे।
बैठक में विचार व्यक्त करते हुए जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने सपाध्यक्ष अखिलेश यादव व टिन्नू यादव के गठबंधन से किए गए षड्यंत्र को चोरी का जिम्मेदार बताया तथा कहा कि राम मंदिर जैसे आस्था के महनीय केंद्र तथा चंपतराय को बदनाम करने के लिए इस प्रकरण को साजिशपूर्वक प्रक्षेपित किया गया।
उन्होंने चंपतराय के विषय में कहा कि अयोध्या के साधु संत एवं यहां के लोगों को उन पर पूर्ण विश्वास है। जब तक जांच की रिपोर्ट नहीं आ जाती है, तब तक चंपतराय पर आरोप लगाना गलत है।
कथाव्यास डॉ. चंद्रांशु महाराज ने कहा कि बड़ी-बड़ी मछलियों का नाम ले करके असली मछलियों को बचाने की कोशिश तो नहीं हो रही है। संभव है कि राम द्रोही एवं राष्ट्र द्रोही राम भक्तों की भावनाओं पर कुठाराघात कर अपना उल्लू सीधा कर रहे हों। जबकि चंपतराय निर्दोष हैं।
संत सीतारामदास ने चंपतराय को संत स्वरूप बताया। महांत सत्येंद्रदास ने भी चंपत को संत स्वरूप कहा। राम कचहरी मंदिर के महंत शशिकांत दास ने चंपत राय का बचाव करते हुए उन्हें पूरी तरह निर्दोष एवं निष्कलंक बताया। बैठक में सौ के करीब संत-महांत उपस्थित रहे।
उन पर संदेह अन्यायपूर्ण : गुरुजीत
ऐतिहासिक गुरुद्वारा ब्रह्मकुंड के मुख्यग्रंथी ज्ञानी गुरजीत सिंह ने भी चंपतराय की निष्ठा एवं ईमानदारी का उदाहरण दिया। मुख्यग्रंथी ने बयान जारी कर कहा कि चंपतराय ने राम मंदिर की व्यवस्था ही नहीं सनातन मूल्यों एवं संस्कृति के परिचायक हैं, उन पर संदेह करना अथवा किसी प्रकार का दबाव बनाना अन्यायपूर्ण है।
