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रामनगरी के विकास की गति हुई तेज, 30 होटल और आवासीय योजनाओं को ADA की मंजूरी

Published: Mon, 21 Sep 2026 03:02 PM (IST)

अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद विकास की गति तेज हुई है, जिसमें अयोध्या विकास प्राधिकरण ने तीन माह में 53 मानचित्रों को मंजूरी दी है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा के बाद विकास की गति हुई तेज।

  2. ADA ने तीन माह में 53 विभिन्न मानचित्रों को दी स्वीकृति।

  3. इनमें 30 होटल, 16 वाणिज्यिक और 5 आवासीय परियोजनाएं शामिल।

विनोद यादव, अयोध्या। भव्य मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या ने विकास के ट्रैक पर दौड़ना प्रांरभ किया, जो अब और तेज हो गई है। यह तस्वीर अयोध्या विकास प्राधिकरण के हाल में किए गए मानचित्र अनुमोदन से सामने आई है।

गत तीन माह में एडीए की कार्यवाही वृत्त से पता चला है कि इस दौरान 53 विभिन्न भवनों व होटलों तथा आवासीय भूखंड की प्लाटिंग के मानचित्र को मंजूरी दी है। इसमें 30 होटल हैं।

इसके अलावा एक आवासीय योजना का भी लेआउट पास किया गया। ये तथ्य यह बताने के लिए पर्याप्त हैं कि अयोध्या के विकास की रफ्तार थम नहीं रही।

इसके अलावा 16 कामर्शियल, पांच आवासीय व एक धार्मिक स्थल पर मुहर लगी है। इससे प्राधिकरण को 10 करोड़ 28 लाख 74 हजार 372 रुपये की आय हुई है। विकास प्राधिकरण में ऐसा पहली बार हो रहा है।

गत माह चार जून से विकास प्राधिकरण में समाधान दिवस का आयोजन शुरू हुआ। यह प्रत्येक माह के प्रथम व तृतीय गुरुवार को एडीए सभागार में उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में सुबह दस बजे से आयोजित होता है। इसमें लोगों को मानचित्र स्वीकृत कराने में सहूलियत मिल रही है।

इस कार्य में प्राधिकरण के इंजीनियरों को विशेष रूप से लोगों की मदद के लिए लगाया गया है। लगभग छह वर्ष पूर्व नौ नवंबर 2019 को भगवान राममंदिर के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आया। इसके एक वर्ष बाद दिसंबर 2020 में विकास प्राधिकरण अयोध्या की सीमा का विस्तार हुआ। विस्तारित होने के बाद प्राधिकरण का क्षेत्रफल लगभग 872.81 वर्ग किलोमीटर हो गया।

पहले इसका क्षेत्रफल मात्र 133.67 वर्ग किलोमीटर था। लगभग दो वर्ष बाद दिसंबर 2022 में शासन ने महायोजना 2031 भाग ''क'' को हरी झंडी दी। इसके बाद से प्राधिकरण क्षेत्र में निर्माण कराने वालों के सामने मानचित्र को लेकर संकट के बादल मड़राने लगे। चूंकि किसी भी प्रकार का निर्माण कराने के लिए लोगों को प्राधिकरण से मानचित्र पास कराना होता है।

बगैर मानचित्र स्वीकृत कराए निर्माण शुरू करना प्राधिकरण की कार्रवाई के दायरे में आता है। लोगों की समस्याओं को देखते हुए प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने समाधान दिवस आयोजित करने का निर्णय लिया। अब इसमें लोगों के निर्माण संबंधी मानचित्र आसानी से पास हो रहे हैं और इससे प्राधिकरण की आय में भी इजाफा हो रहा है।

जनता को सहूलियत, प्राधिकरण ने बढाई कमाई

विकास प्राधिकरण में निर्माण संबंधी मानचित्र स्वीकृत कराने में लोगों को अब सहूलियत मिलने लगी है। पहले इसके लिए लोगों को प्राधिकरण का चक्कर लगाना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है।

एडीए उपाध्यक्ष अनुराज जैन ने मानचित्र पास कराने के नाम पर लोगों को प्राधिकरण का बार-बार चक्कर लगाने जैसे संकट से मुक्त कर दिया है। एडीए ने डिजिटल सेवाओं और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए जनता का काम आसान कर दिया है। वैध निर्माण और निवेश से प्राधिकरण के राजस्व में रिकार्ड तोड़ बढ़ोतरी हो रही है।

लोगों से अपील है कि प्रत्येक माह में दो बार आयोजित हो रहे समाधान दिवस का लाभ उठाएं। व्यर्थ की भाग दौड़ से बचें। किसी भी कार्रवाई से पहले प्राधिकरण में वह स्वयं समन मानचित्र प्रस्तुत करें। -राजेश कुमार मिश्र, सचिव, एडीए।