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अवध यूनिवर्सिटी में होगी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बीटेक की पढ़ाई, तैयारी में जुटा विवि प्रशासन

Published: Sat, 21 Mar 2026 02:01 PM (IST)

अवध विश्वविद्यालय नए सत्र से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में बीटेक की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी में है। यह पहल ...और पढ़ें

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प्रवीण तिवारी, अयोध्या। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इसे लेकर युवाओं सहित पूरे समाज में बहुत कौतूहल है। यह अब तक कथाओं तक सीमित रहा, लेकिन अब क्लास व प्रयोगशाला का हिस्सा बन चुका है। इसको लेकर युवाओं को बड़ा उपहार मिलने जा रहा है।

डा. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय प्रशासन इंजीनियरिंग कॉलेज में एआई में बीटेक की पढ़ाई करने की सुविधा मिलने जा रही है। यदि तैयारी समय से जमीन पर उतरी तो नये सत्र से ही इस विषय की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इससे अयोध्या के साथ देवीपाटन मंडल के विद्यार्थियों को भी लाभ मिल सकेगा, ये घर के पास ही एआई में बीटेक कर सकेंगे।

अभी तक यहां छह ब्रांचों कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इंफार्मेशन टेक्नोलाजी, इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की ब्रांचें संचालित हैं।

लगभग ढाई हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। यहां पर अभी एआई एक प्रश्नपत्र के रूप में पढ़ाया जाता है, लेकिन विवि प्रशासन इसे ब्रांच में बदलने की कोशिश में जुटा है। जल्द ही इस विषय की बीटेक की उपाधि भी विद्यार्थी प्राप्त कर सकेंगे।

बीटेक के अलावा यहां एमटेक की पढ़ाई भी होती है। कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने इसकी पुष्टि की। कहा कि कोई अड़चन न आई तो नये सत्र से छात्र-छात्राएं एआई में बीटेक में प्रवेश हासिल कर सकेंगे।

एआई कोडिंग, मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग के एल्गोरिदम को समझने में सहायक

शिक्षक विनीत सिंह कहते हैं कि इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के लिए एआई केवल परीक्षा पास करने वाला विषय नहीं रह गया है; यह वह टूलकिट है, जो उनके अकादमिक ज्ञान और वास्तविक दुनिया के बीच एक मजबूत ब्रिज का निर्माण करता है।

एआई-आधारित टूल्स और स्मार्ट लर्निंग सिस्टम छात्रों को जटिल कोडिंग, मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग के एल्गोरिदम को तेजी से और गहराई से समझने में मदद कर रहे हैं। अब हमारे छात्र केवल पुरानी थ्योरी तक सीमित नहीं हैं। वे बड़े डेटा का सटीक विश्लेषण कर रहे हैं और अत्याधुनिक शोध कर रहे हैं।