आढ़त पर घटे गेहूं के दाम, किसानों का बदला रुख

जागरण संवाददाता, औरैया: एक अप्रैल से शुरू हुई गेहूं खरीद आढ़त पर भाव ज्यादा होने से सरकारी केंद्रों पर सुस्त रही। अप्रैल तक आढ़तों पर तीन बार दाम बढ़े। पहले 2050 फिर 2100 और तीसरे फेज में 2125 रुपये प्रति क्विंटल रहा। सरकारी केंद्रों पर समर्थन मूल्य शासन द्वारा निर्धारित 2015 रुपये है। ऐसे में किसानों ने सरकारी खरीद से किनारा किया। जिन्हें जागरूक करने के लिए प्रशासन की

ओर से कसरत हुई। अब आढ़त पर दाम गिरने से आस जागी है।

शनिवार को नवीन मंडी में आढ़तों पर गेहूं का भाव तीन बार गिरा। निर्यात पर रोक के चलते यह देखने को मिला। आढ़ती नुकसान से बचने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे। इसके लिए उन्होंने दामों को कम करना शुरू किया है। सुबह की खरीद प्रति क्विंटल गेहूं 2100 रुपये से शुरू हुई थी। वह दो घंटे बाद 2070 रुपये पहुंच गई, इसके बाद 2040 और फिर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर आ गई। जो सरकारी

भाव के बराबर है। ऐसे में अब किसानों का रुख बदलना शुरू हुआ है। जिला विपणन अधिकारी सुधांशु शेखर चौबे ने बताया कि आढ़त पर दाम ज्यादा होने से मुश्किलें आ रही थी। भाव गिरने से किसानों ने सरकारी केंद्रों पर प्रभारियों से संपर्क करना शुरू किया है।

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आंकड़ों पर एक नजर

आढ़त पर अब तक- एक लाख 36 हजार क्विंटल

सरकारी केंद्रों पर- 2015 मीट्रिक टन गेहूं खरीद

Edited By: Jagran