जागरण संवाददाता, औरैया : बेमौसम हुई बारिश के बाद अब तैयार फसलों की कटाई व मड़ाई के लिए मौसम अनुकूल है। इसके अलावा रबी की फसलों की बोआई के लिए भी काफी फायदेमंद है। किसानों को फसलों की अच्छी उपज व तैयार अनाज की उचित कीमत प्राप्त करने के लिए सावधानी बरतनी होगी। क्योंकि तैयार फसलों का अनाज जितना गुणवत्तापरक होगा उतना ही बेहतर दाम बाजार में मिलेगा।

धान की फसल लगभग तैयार खड़ी है। जब धान की बालियां करीब 80 फीसद सुनहरे रंग की दिखाई देने लगे तो फसलों की कटाई करनी चाहिए। इसके पश्चात लाक को धूप में सुखाकर मड़ाई का कार्य करें। इसी तरह उड़द, मूंग की तैयार फसल की कटाई मड़ाई के लिए भी मौसम अनुकूल है। बीज को धूप में अच्छी तरह सुखाकर ही भंडारित करें। इससे अनाज हमेशा चमकदार रहे और समय पर अच्छी कीमत भी मिल सके। कृषि मौसम विज्ञानी डा. सुनील पांडेय का कहना है कि निश्चित तौर पर असामान्य अक्टूबर असामान्य रहा। मौसम में इस तरह के बदलाव पहले भी होते रहे हैं। इस सप्ताह ब्लाक व जिला स्तर पर आसमान में छुटपुट बादल छाए रहने के आसार हैं, लेकिन बारिश की कोई संभावना नहीं है। खरीफ की फसलों की कटाई कर रबी की फसलें चना, मटर, मसूर, सरसों, अलसी, आलू व सब्जियों आदि की बोआई के मौसम अनुकूल है। आलू की फसल में चेचक रोग से बचाव के लिए कंदों को 100 ग्राम स्ट्रेप्टोसाइक्लीन या बोरिक एसिड को 10 लीटर पानी में घोल बनाकर बीज पर छिड़काव करें तथा अंकुरित बीज को उपचारित न करें।

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