जागरण संवाददाता, औरैया : अपहृत को फिरौती के लिए दस्यु गिरोह के हवाले करने वाले दो लोगों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही दो-दो लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

अछल्दा थानाक्षेत्र के गांव फतेहपुर निवासी कौशलेंद्र ¨सह उर्फ रवी पुत्र गोरेलाल यादव ने रिपोर्ट लिखाई थी कि 17 अक्टूबर 2003 को उसके घर पर गांव का अवधेश पुत्र हरनाम ¨सह यादव आया। उसने परिवार की जमीन के बंटवारे की फाइल दारोगा से लेने के लिए अजीतमल साथ चलने को कहा। इसके बाद वह उसके साथ टेंपो से महेवा होते हुए बाबरपुर पहुंचे। टेंपों में उसका छोटा भाई बंटू उर्फ सर्वेश अपने साथ चार पांच लोगों को लेकर बैठा मिला। टेंपो में बैठते ही उन लोगों ने उसे कुछ सुंघा दिया और फिर टेंपो महेवा की ओर मुड़ गया। जब उन्हें होश आया तो वह बीहड़ में 25-30 सदस्य वाले दस्यु रज्जन गिरोह के पास था। रज्जन ने उसे मारने की धमकी दी। वह गिरोह में खाना बनाता था व पानी भरने का काम करता था। रात को बदमाश उसके पैर में जंजीर बांधकर रखते थे। 28 दिसंबर 2003 को अचानक बकेवर थाना पुलिस के छापे की वजह से गैंग भाग गया। इसी दौरान वह भी मौका पाकर भाग निकला। उस समय रज्जन गिरोह के पास 17 पकड़ें थी। कौशलेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने अवधेश व बंटू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। यह मामला विशेष न्यायाधीश लल्लू ¨सह की कोर्ट में चला। अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी जितेंद्र ¨सह तोमर व एडीजीसी संजय कुमार श्रीवास्तव तथा बचाव पक्ष के वकीलों की बहस सुनने के बाद एडीजे ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।

By Jagran