जागरण संवाददाता, औरैया : शहर की पछैया बस्ती आबकारी व पुलिस के लिए गुडवर्क का अड्डा बन गई है। अवैध शराब के खिलाफ दोनों विभागों को जब किसी प्रकार का गुडवर्क किया जाना होता है तो सीधा यहां पर छापेमारी कर गुडवर्क कर दिया जाता है। कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लहन नष्ट कर देती है और शराब बरामद कर इतिश्री कर देती है। उससे पहले यहां पर किसी की भी नजर नहीं दौड़ती है। अब सवाल यह उठता है कि आखिरकार जानकारी के बावजूद पुलिस व आबकारी विभाग इस पर अंकुश लगाने में अक्षम क्यों साबित हो रही है।

गुरुवार को पुलिस व आबकारी टीम ने संयुक्त रूप से पछैया बस्ती में छापा मारकर दो महिलाओं को गिरफ्तार कर तीन हजार लीटर लहन नष्ट किया है।

कानपुर नगर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद वहां पर जिला आबकारी अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। जिसके बाद से अन्य जनपद के अधिकारी भी अवैध शराब की धरपकड़ में जुट गए है। गुरुवार को आबकारी निरीक्षक ज्ञानेंद्रनाथ पांडेय ने कोतवाली पुलिस के साथ शहर की कुख्यात पछैया बस्ती पहुंच गए और लोगों के घरों में जाकर छापेमारी की। पुलिस फोर्स आते देख वहां हड़कंप मच गया। मौके से दो महिलाओं के पास से 20 लीटर कच्ची शराब व 3000 किलोग्राम तैयार लहन बरामद किया। लहन को अधिकारियों ने मौके पर ही नष्ट करा दिया। बताया जाता है कि जब भी पुलिस पर उच्चाधिकारियों का दबाव बनता है तो पुलिस सीधा पछैया बस्ती चली जाती है और लहन व कुछ व्यक्तियों को गिरफ्तार कर वाहवाही लूट लेती है। अब यह सवाल हर व्यक्ति के जहन में उठता है कि आखिरकार जब पुलिस को शराब बनाए जाने के अड्डे का पता है तो उस पर अंकुश क्यों नहीं लगा पाती, क्या गुडवर्क दिखाए जाने के लिए ही इस बस्ती में इस अवैध व्यापार आबाद छोड़ रखा गया है।

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