जागरण संवाददाता, औरैया : दिल्ली से कोलकाता को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर स्थित औरैया जिले के अनंतराम गांव के पास फ्लाईओवर के रेनफोर्स अर्थ वाल (आरईडब्ल्यू) पैनल धंसने की जांच शनिवार सुबह कानपुर आइआइटी के विशेषज्ञों ने की। प्रथम दृष्टया हादसे की वजह बारिश बताई। हालांकि, करीब एक घंटे मंथन करने संग असल कारण जानने को सर्विस रोड पर गिरे मलबा, फ्लाईओवर के किनारे से कंक्रीट के नमूने लिए। सोमवार तक नमूनों की रिपोर्ट आएगी। उधर, इटावा-कानपुर लेन अब 15 दिन तक बंद रखकर वाहन सर्विस रोड से निकाले जाएंगे।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर पीयूष कटियार, आइआइटी कानपुर के एसोसिएट प्रोफेसर डा. एसके मिश्र के साथ तीन सदस्यीय टीम शनिवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे फ्लाईओवर को जांचने पहुंची। विशेषज्ञों ने तकनीकी बिंदुओं को परखा। इस दौरान एनएचएआइ के डिजाइनर व चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर से काफी देर तक वार्ता की। डा. एसके मिश्र ने प्रथम दृष्टया आरईडब्ल्यू पैनल के धंसने की वजह बारिश बताई है। कहा कि नमूने लिए गए हैं। लैब में इनका परीक्षण कराने के बाद ही स्थिति और ज्यादा स्पष्ट हो सकेगी। दैनिक जागरण ने भी शुक्रवार को बारिश से पैनल धंसने की आशंका जताई थी। चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि आइआइटी विशेषज्ञों की राय के मुताबिक, इटावा-कानपुर लेन में खतरा बढ़ा है। हादसे से बचने के लिए इस लेन को फिलहाल 15 दिन तक बंद रखा जाएगा। सर्विस रोड पर पड़े मलबे को समेटकर इटावा से कानपुर जाने वाले वाहनों को निकलवाया जा रहा है। सुरक्षा बढ़ाई गई है, जिससे रात में कोई वाहन बंद लेन से नहीं निकल सके।

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