जागरण टीम, औरैया: डेंगू के डंक से लोगों को बचाने के लिए स्वास्थ्य टीमें गांव व शहरों में सक्रिय है। घर-घर दस्तक अभियान के तहत सर्वे किए जा रहे हैं। बुधवार को औरैया विकासखंड सहित एरवाकटरा, बिधूना, सहार, दिबियापुर, अछल्दा सहित अन्य ब्लाकों में टीम का पूरे दिन डेरा रहा। लोगों को जागरूक करने की कवायद चिकित्सकों के साथ आशा कार्यकर्ताओं ने की। यही नहीं, खतरे से निपटने की तैयारियों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेला में 50 बेड का वार्ड बनाया गया है। इसके अलावा चार बेड का एक इंटेंसिव केयर यूनिट (आइसीयू) भी बनाया गया है।

जिले में डेंगू के केस सामने आने पर स्वास्थ्य महकमे में खलबली है। चिकित्साधिकारी इस खतरे को बढ़ने से रोकने के लिए लोगों को जागरूक करने में लगे हैं। दिबियापुर, बिधूना और अयाना में डेंगू के केस मिले हैं। जबकि, एक बच्चे की मौत हो चुकी है। इसे देखते हुए सबसे ज्यादा जोर स्वास्थ्य परीक्षण पर दिया जा रहा है। सौ व 50 शैया संयुक्त जिला चिकित्सालय के अलावा दिबियापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावा बेला, बिधूना, अछल्दा आदि ब्लाकों के स्वास्थ्य केंद्र पर कोविड मरीजों के साथ डेंगू के केस से निपटने की तैयारी है। जिलाधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने इस बाबत मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अर्चना श्रीवास्तव को निर्देश दिए हैं। 10-10 बेड का वार्ड 50 शैया में बनाया गया है। स्वास्थ्य केंद्रों पर भी यह तैयारी अंतिम चरण में है।

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स्टाफ की कमी को किया जा रहा दूर:

डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी है। संक्रमित मरीजों व लक्षणयुक्त मरीज का उपचार संभव हो सके, इसके लिए सारे प्रयास किए जा रहे। इस कड़ी में स्वास्थ्य कर्मियों व अन्य स्टाफ की कमी को दूर किया जा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेला में जनरल व आइसीयू वार्ड बनाए जाने के बाद स्टाफ की कमी को दूर किया गया है। छह नर्सिंग स्टाफ, पांच सफाई कर्मचारी सहित चार पुरुष व तीन महिला वार्ड ब्वाय की तैनाती की गई है। आक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था भी की गई है। स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी अधीक्षक डा. चंद्रशेखर का कहना है कि कोविड के साथ डेंगू को लेकर स्वास्थ्य सेवाओं को और ज्यादा मजबूत किया जा रहा है।

Edited By: Jagran