जागरण संवाददाता, औरैया : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मातृ शिशु देखभाल कार्यक्रम के तहत अब निजी अस्पताल में आने वाले बच्चों और गर्भवती महिलाओं को जो टीका लगाया जाएगा। उसकी जानकारी मदर चाइल्ड ट्रै¨कग साफ्टवेयर पर अपलोड करनी होगी। टीकाकरण कार्ड का पंजीकरण पोर्टल पर दर्ज न होने पर निजी अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा गर्भवती महिलाओं तथा बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण किया जाता है। यह टीकाकरण सरकारी अस्पताल तथा निजी अस्पतालों में भी होता था। सरकारी अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिलाओं तथा बच्चों का पोर्टल पर पंजीकरण कर उनको टीका लगाए जाते थे। अब एनसीटीएस मदर एण्ड चाइल्ड सिस्टम में नर्सिंग होम में लगने वाले टीकाकरण को पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया है। सरकारी अस्पताल के अलावा नर्सिंग होम में टीकाकरण कराने के बाद कार्ड का पंजीकरण पोर्टल पर करना होगा। पंजीकरण में लापरवाही पर जन्म प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के एनसीपीएस पोर्टल पर जच्चा बच्चा को लगने वाले टीके व अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी फीड की जाती है। जहां महिला के गर्भ धारण करते ही सबसे पहले एक यूनिक आइडी जारी की जाती है। यूनिक आईडी में महिला की सभी जानकारियां दर्ज की जाती हैं। सरकारी अस्पतालों में बिना पंजीकरण के गर्भवती को जननी सुरक्षा योजना का लाभ भी नहीं मिलता है। वहीं नर्सिंग होम में जच्चा बच्चा के उपचार की जानकारी सरकार को नहीं मिल पाती है। इनकी जानकारी रखने के लिए ही शासन ने नर्सिंग होम में टीकाकरण कार्ड का पंजीकरण कराने के निर्देश जारी किए हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अवधेश राय ने बताया कि नर्सिंग होम में होने वाले प्रसव की जानकारी नहीं मिल पाती है। इसी को लेकर यदि निर्देश जारी किया गया है। अब सभी नर्सिंग होम टीकाकरण कार्ड का पंजीकरण पोर्टल पर कराएंगे। इसके लिए सभी को आदेश दे दिए गए हैं।

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