जागरण संवाददाता, औरैया: एंबुलेंस कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के नेतृत्व में पिछले सात दिन से चल रहा धरना प्रदर्शन गुरुवार को भी जारी रहा। जिला इकाई के पदाधिकारी एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। दूसरी ओर बढ़ रहे आंदोलन से शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों के लिए के लिए आकस्मिक सेवाएं समय पर उपलब्ध न होने का संकट गहराता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के लिए चिता का विषय बन रहा है। 38 एंबुलेंस गाड़ियों का पहिया थम गया है।

कमेटी के जिलाध्यक्ष सतीश यादव का कहना है कि प्रदेश कमेटी के साथ हुई वार्ता में कोई हल नहीं निकल सका। अब आंदोलन और अधिक बढ़ने की संभावना उत्पन्न हो रही है। देर शाम कर्मचारियों के साथ अगली रणनीति तय की जाएगी। हमारी जायज मांगों पर भी सरकार कोई अमल नहीं कर रही है। कर्मचारियों की कार्य करने की स्थितियों व परिस्थितियों को नजरंदाज किया जा रहा है। फिर भी आम जनमानस को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। हमारे 10 वाहन इमरजेंसी सेवाएं जनपद के मरीजों को प्रदान कर रहे हैं। गुरुवार को वीआइपी ड्यूटी में एक एएलएस वाहन रहा। दस 108 एंबुलेंस सौ शैय्या जिला अस्पताल, सीएचसी अजीतमल, बिधूना, दिबियापुर, अयाना, सहार, अछल्दा व 50 शैय्या संयुक्त जिला चिकित्सालय पर इमरजेंसी सेवाएं दे रहे है। जिलाध्यक्ष का कहना है कि हम अपनी जायज मांगों के निराकरण के लिए संघर्षरत हैं। अवनीश कटियार, विपिन कुमार, संजीव कुमार, प्रियंका ठाकुर, रतन, किशन अवस्थी, विकास, दीपक, राजा यादव आदि पदाधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे।

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