संवादसूत्र, रुरुगंज : सोमवार सुबह कस्बा के बंबा के पास ग्रामीण टहलने के लिए निकले थे। बंबा के पास कुछ महिलाओं ने किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनी तो वह उसके पास पहुंचीं। सर्दी के समय में झाड़ियों में बंबे के किनारे पड़ी 10 दिनों की बच्ची को कड़ाके की ठंड में पड़ा देखा। इसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने नवजात को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर उसका इलाज चल रहा है।

ग्राम रुरुगंज में खेरे वाली पुलिया के निकट बंबे के किनारे किसी के द्वारा एक अबोध बच्ची को फेंक दिया गया। कड़ाके की ठंड में रात भी नवजात बच्ची सिसकती रही, लेकिन किसी को भनक तक न लगी। सोमवार सुबह रुरुखुर्द ग्राम की प्रतिदिन की भांति हृदयराम यादव की पत्नी रामकुमारी व कुछ माहिलाएं टहलने गई थीं। इसी बीच खेरे वाली पुलिया के पास से किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी तो पहले सभी महिलाएं सहम गई। बाद में मौके पर जाकर देखा तो एक नवजात कंबल लपेटे व कपड़े पहने हुए झाड़ियों में रो रहा था, पास में ही एक दूध की बोतल पड़ी थी, लेकिन नवजात कोहरे के कारण पूरी तरह भीग चुका था। इसी बीच बच्ची पड़ी होने की खबर सुनकर मौके पर भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंचे रुरुगंज चौकी इंचार्ज देवेंद्र प्रसाद व महिला पुलिस और 112 डायल घटनास्थल पर पहुंच गए। वहां नवजात बच्ची एक मां द्वारा गोद में लिया जा चुका था। पुलिस बच्ची को लेकर अस्पताल ले गई, जहां उसका इलाज चल रहा था। रुरुखुर्द गांव निवासी महेंद्र प्रताप व अन्य लोग नवजात को गोद लेने के लिए व्याकुल दिखे। हालांकि पुलिस ने इलाज के बाद स्वास्थ्य होने पर बच्ची को देने की बात कही। कोतवाली निरीक्षक राजदेव प्रजापति ने बताया कि बच्ची को मेडिकल के लिए अस्पताल भेज दिया गया। कुछ दिन वह अस्पताल में सदर एसडीएम की निगरानी में रहेगी। जिसके बाद उसे चाइल्ड केयर हॉस्पिटल लखनऊ भेज दिया जाएगा। 90 दिन बाद उसे गोद लेने बाले इच्छुक व्यक्ति फार्म भरकर उसे गोद ले सकते हैं।

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