संवादसूत्र, दिबियापुर: क्षेत्र के ग्राम दखनाई के किसान जगतराम ने पहले मिट्टी की सेहत परखी इसके बाद सभी पोषक तत्वों की पूर्ति कर धान की फसल बोई। इसके चलते बेहतर फसल लहलहाई और अधिक उत्पादन की संभावना है। यह जानकारी इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कॉपरेटिव लिमिटेड (इफ्को) व कृषि विज्ञान केंद्र के तत्वाधान में अछल्दा विकासखंड के गांव दखनाई में किसान दिवस के आयोजन के दौरान सामने आई। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को जगतराम के खेत में बोई फसल का निरीक्षण कराया।

रविवार को ग्राम दखनाई स्थित किसान जगतराम के खेत में इफ्को की ओर से लगाए गए फसल प्रदर्शन का अवलोकन कराया गया। इस दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के हेड डॉ. अनन्त कुमार ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम नवीनतम तकनीक से खेती करें। इससे हम भारत सरकार के संकल्प से दोगुनी उपज का लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। मृदा परीक्षण के जरिए जमीन में मौजूद पोषक तत्वों की कमी को जानकर संतुलित और समन्वित पोषक तत्वों का प्रयोग कर अच्छी और कम लागत में फसल को तैयार किया जा सकता है। मृदा में पोषक तत्वों की कमी न हो और उर्वरक क्षमता बढ़े इसके लिए सड़ी गोबर की खाद, वर्मी कम्पोस्ट व जैविक खाद का इस्तेमाल जरूरी है। इफको उपक्षेत्र प्रबंधक प्रेमराज शर्मा ने किसानों को जमीन में मौजूद 17 पोषक तत्वों की जानकारी देते हुए बताया कि एक भी पोषक तत्व की कमी होने पर उपज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इस दौरान क्षेत्र के गांव नगला सकटू, कमंडापुर, रामगढ़ व हरचंन्द्रपुर के सैंकड़ों किसान मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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