जागरण संवाददाता, औरैया :

सोशल साइट्स पर फौजी के साथ लूट होने की जानकारी वायरल होने पर इसका एडीजी कानपुर जोन ने संज्ञान लिया। इससे पुलिस हरकत में आई। एसपी ने तत्काल इस मामले की जानकारी ली। इसके बाद पूरे मामले का उल्लेख करते हुए एक प्रेस नोट भी जारी कर दिया। इसमें लूट की घटना को फर्जी बताते हुए कहा कि यह मामला लेनदेन का था।

कोतवाली क्षेत्र के गांव निगड़ा निवासी अजीत फौजी गत सोमवार को देर शाम शहर कोतवाली पहुंचे थे। यहां उन्होंने अपने साथ लूट की घटना होने की बात कही थी। इस दौरान कोतवाली पुलिस शहर में फ्लैग मार्च व अतिक्रमण हटवा रही थी। कोतवाली प्रभारी के न मिलने पर अजीत अपने घर वापस चले गए। लेकिन किसी तरह यह मामला सोशल साइट्स पर वायरल हो गया। सुबह जब इस मामले का संज्ञान एडीजी कानपुर जोन अविनाश चंद्र ने लिया तो सभी सकते में आ गये। इस पर तत्काल मामले की जांच शुरू की गई। पुलिस अजीत की तलाश में जुट गई, लेकिन अजीत सामने नहीं आया। इसके बाद जिस स्थान पर घटना दिखाई गई वहां जाकर पता किया तो ऐसी किसी घटना के होने से आसपास के लोगों ने इन्कार कर दिया। एटीएम से बीस हजार रुपये निकलने की बात जरूर सही पाई गई। पुलिस ने इसकी और गंभीरता से जांच की तो पता चला कि अजीत का एक महिला से मित्रता थी। इसी महिला मित्र से उसका रुपये का भी कुछ लेनदेन था। अजीत ने छुट्टी पर आकर रुपये देने की बात कही थी। लेकिन जब अजीत ने नहीं दिये तो उस महिला ने रुपये दिलाने के लिए अपने जानने वाले कुछ लोगों से कहा। इस पर मंगलवार को अजीत को उन लोगों ने पकड़ कर रुपये मांगे और उसके न देने पर एटीएम से रुपये निकलवा कर उस महिला को दे दिए। एसपी संजीव त्यागी ने जानकारी देते हुए बताया कि घटना लेनदेन की थी, लूट जैसी कोई घटना नहीं हुई है।

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