जागरण संवाददाता, औरैया : अगर आप वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करेंगे, तो आपकी जिदगी सुरक्षित है। जरा सी लापरवाही जान की दुश्मन बन सकती है। कोहरा पड़ने वाला है, ऐसे में जागरूकता ही आपकी जान बचा सकती है। शायद ही कोई दिन बीतता हो जिस दिन सड़क हादसे में लोगों की मौत की खबर सुनने को न मिले। महज तीन साल में सड़क हादसों की संख्या लगभग तीन गुना से भी अधिक पहुंच गई है। इस भयावह स्थिति से उबरने को लेकर यातायात विभाग समेत कई सामाजिक संगठन भी आगे आए। ताकि लोगों को जागरूक कर इन हादसों पर काबू पाया जा सके।

हालात सुधरने की बजाय और भी बिगड़ते जा रहे। जरा सी लापरवाही पर लोगों की जान जाते देखने के बाद भी हम चेतने को तैयार नहीं। यही वजह है कि दोपहिया वाहन चलाते या उस पर बैठते समय हम हेलमेट को लेकर तनिक भी फिक्रमंद नहीं होते। नतीजा सामने है। जबकि नियमों का पालन कर हम खुद के साथ-साथ दूसरों की जान भी बचा सकते हैं। यातायात माह नवंबर में अब तक दो दर्जन से अधिक सड़क हादसे की घटनाएं जनपद में सामने आ चुकीं। दर्जन भर से अधिक लोग अपनी जान गवां चुके हैं। अधिकांश घटनाएं यातायात नियमों की अनदेखी व तेज रफ्तार के चलते हुईं। जबकि यह बात बिलकुल साफ है कि तेज रफ्तार महज दिमागी फितूर है न कि कोई तरीका। इससे समय की बचत बिलकुल नहीं होती, बल्कि इन परिस्थितियों में जान का खतरा पल-पल बना रहता है।

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यह बरतें सावधानी

चाहे दोपहिया हो अथवा चारपहिया वाहनों के रखरखाव पर विशेष ध्यान देना होगा। वाहन में फाग लैंप के साथ इंडीकेटर, रेडियम स्टीकर्स तथा बीम लाइट की व्यवस्था रखनी होगी, ताकि कोहरे में सामने वाले वाहन की रोशनी में पता चल सके की आगे भी कोई वाहन है। कोहरे में हार्न ठीक ने होने से आगे के वाहन से भिड़ने का डर बना रहता है। इससे बचाव के उपाय किए जाएं।

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वाहनों में लगाएं जरूरी संसाधन

कोहरे से बचाव के लिए वाहनों में जरूरी संसाधन अवश्य लगवाएं। बाजार में फाग लैंप 1500 से लेकर तीन हजार रुपये के बीच उपलब्ध है, तो इंडीकेटर आठ सौ से लेकर 1500 रुपये में बिक रहा है। चारपहिया वाहनों के हार्न आठ सौ से 1200 रुपये के बीच लगाए जा रहे हैं। इसी प्रकार बीम लाइट, रेडियम स्टीकर्स, इंडीकेटर, हार्न। इन संसाधनों के माध्यम से कोहरे में खुद का बचाव किया जा सकता है।

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इन बातों का रखे ख्याल :

- सड़क पर रेस न लगाए: जब भी आप ड्राइव करते है, तो किसी से रेस ना लगाए। यह जरूरी नहीं कि कोई आपसे आगे निकल गया, तो आप भी उससे आगे निकले और यातायात के नियम को तोड़े। अगर आप यातायात के नियम का पालन करते हुए गाड़ी चलाते है, तो यह आपके साथ-साथ दूसरों के लिए भी अच्छा होगा। - बहुत ज्यादा और लगातार हॉर्न का उपयोग न करें : अगर आप लगातार हॉर्न बजाते है, तो इसका मतलब यह नहीं कि आगे लगा हुआ जाम जल्दी क्लियर हो जाएगा, इससे सिर्फ सामने वाले व्यक्ति पर दबाव बनता है और ध्वनि प्रदूषण फैलता है। इससे अच्छा होगा कि आप थोड़ा इंतजार करें और सामने वाले को निकलने का मौका दे। इन बातों को हमेशा रखे ध्यान :

-अच्छी क्वालिटी का फुल मास्क हेलमेट पहनें

- मुड़ते वक्त इंडिकेशन जरूर दें

- आगे और पीछे दोनों ब्रेक्स का इस्तेमाल एक साथ सही ढंग से करें

- सुरक्षित दूरी बनाकर ही ड्राइव करें क्या न करें

- फोन का इस्तेमाल न करें.

- शराब पीकर ड्राइव न करें.

- अचानक ब्रेक न लगाएं

- गलत साइड से ओवरटेक न करें परिवार का भरण पोषण का आया संकट

शहर के बनारसीदास निवासी सुरेशचंद्र पोरवाल की सड़क हादसे में मौत हो गई। वह परचून की दुकान करके अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। विगत दिनों हादसे में मौत होने के बाद उनके परिवार के सामने भरण-पोषण की समस्या आ गई है। मृतक सुरेशचंद्र की छह पुत्री प्राची, लक्ष्मी, पूजा, अनुपम, माला व पलक हैं। जिसमें से पलक व पुत्र अभिषेक की शादी होने हैं। बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। ऐसे में उनका रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी रामदुलारी आंखों में भरकर बोली की अब उनका कोई नहीं है। बच्चों को पालना भी मुश्किल नजर आ रहा है। - ट्रक चालक जालौन निवासी कलेर ठाकुर का कहना है कि कोहरे के समय वाहन चलाने में काफी दिक्कते आती हैं। वह ट्रक तेज तो चला नहीं सकते हैं, धीरे-धीरे ट्रक चलाकर खुद को गंतव्य तक पहुंचाते हैं। - कार चालक श्रीकांत का कहना है कि भले ही वह यातायात नियम का पालन कर रहे हैं। लेकिन दूसरा वाहन चालक यातायात नियमों को ताक पर रखकर सफर करता है। उन्होंने कहा कि अगर सभी लोग नियमों का पालन करें तो हादसों पर रोक लग सकी है। - शहर के ब्रहमनगर निवासी सर्वेश शुक्ल का कहना है कि अपने वाहन की पार्किंग इस तरह से न करें, कि वह दूसरों के लिए मुश्किल बन जाए। आप थोड़े समय के लिए भी पार्किंग करना चाहे, तब भी सही जगह पर ही करें। ताकि दूसरों को कोई दिक्कत न हो।

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सीट बेल्ट लगाने से एयरबैग खुल गया बच गई जान

रूरूगंज निवासी साहवे आलम क़ुरैशी ने बताया की वह अपने दोस्तों के साथ दिल्ली से ईको सपोर्ट कार से वापस आ रहे थे। हाईवे पर ही उनकी कार के आगे का टायर फट गया। कार पलट कर दूसरी तरफ पहुंच गई और जाकर टकरा गई। आगे बैठे दोनों लोग सीट बेल्ट लगाए थे तो एयरबैग खुल गया और जान बच गई। हादसा सोचकर सिहर उठते है और कहते है कि नियमों का पालन अगर न करते तो आज शायद वह इस दुनियां में न होते।

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हेलमेट न लगाने से परिवार आ गया अब संकट में

बिधूना के नवीन बस्ती निवासी 40 वर्षीय संजय अपनी 16 साल की बेटी के साथ रुरुगंज एक कार्यक्रम में जा रहे थे। पसुआ पुल के पास बाइक असुंतलित होकर पुल से टकरा गई। पिता -पुत्री दोनों घायल हो गए। हेलमेट न लगाए होने से समय की सैफई में उपचार के दौरान मौत हो गई। बेटी संध्या का इलाज अभी भी चल रहा है। अगर नियमों का पालन कर हेलमेट लगाते तो शायद जान बच जाती। अब घर पर कमाने वाला कोई नहीं है। परिवार के सामने संकट खड़ा है। मृतक की पत्नी संगम बदहवास है। मृतक की मां 65 वर्षीय मीरा की हालत बेटे की मौत के बाद से खराब है। ये नंबर जरूर अपने पास रखें

एंबुलेंस - 108

एसपी - 9454400249

एएसपी - 9454401016

सीओ सिटी - 9454401442

कंट्रोल रूम - 112 क्या कहते हैं जिम्मेदार

वाहन चलाते समय सभी को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। क्योंकि जरा सी लापरवाही आपकी जान की दुश्मन बन सकती है। इसलिए सर्तकता ही आपकी जिदगी सुरक्षित रख सकती है। - सुनीति, एसपी

Posted By: Jagran

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