जागरण संवाददाता, औरैया : हावड़ा-दिल्ली रेलमार्ग पर फंफूद और कंचौसी रेलवे स्टेशन के बीच मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होते बची। हादसा ब्रेक शू जाम होने से हुआ। वैगन के पास से चिंगारी और धुआं उठता देख मालगाड़ी को कंचौसी स्टेशन पर रोका गया, जहां सात घंटे खड़ी रही। इस दौरान ट्रेनों को धीमी गति से गुजारा गया।

सोमवार सुबह करीब साढ़े छह बजे मालगाड़ी फफूंद स्टेशन से गुजरी। इस दौरान गार्ड से तीसरे वैगन के ब्रेक शू में स्टेशन मास्टर अर्जुन सिंह ने चिगारी व धुआं उठते देखा। उन्होंने कंचौसी स्टेशन अधीक्षक विशंभर दयाल पांडेय को सूचना दी। इसपर मालगाड़ी को कंचौसी रेलवे स्टेशन पर रोका गया। घटना की जानकारी टूंडला व इटावा रेलवे स्टेशन कंट्रोल रूम में दी गई। इटावा से पांच घंटे बीत जाने के बाद भी तकनीकी स्टाफ मौके पर नहीं पहुंचा। इसलिए पीछे आ रही नई दिल्ली-लखनऊ स्वर्ण शताब्दी, जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस, आनंद बिहार टर्मिनल, सीतामढ़ी एक्सप्रेस समेत 13 ट्रेनों को धीमी गति से एक नंबर प्लेटफार्म की ओर से 30 किलोमीटर प्रति घंटा का काशन देकर निकाला गया। स्टेशन अधीक्षक के अनुसार, मालगाड़ी डाउन ट्रैक की मेन लाइन में खड़ी कराई गई। इससे अन्य ट्रेनों का संचालन बाधित नहीं हुआ। दिक्कत दूर करने के बाद मालगाड़ी को 1:20 बजे रवाना कर दिया गया। पहले भी हो चुकी घटना

19 जुलाई को कानपुर से दिल्ली की ओर जा मालगाड़ी का ब्रेक शू जाम होने से उसे अप ट्रैक पर लूप लाइन में रोकना पड़ा था। इटावा से तकनीकी स्टाफ आने के साढ़े तीन घंटे बाद ट्रेन को गतंव्य की ओर रवाना किया गया था।

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