जागरण संवाददाता, औरैया : ककोर स्थित जिला मुख्यालय के पास प्रभारी जिला मंत्री ने बीती चार जुलाई को ककोर स्थित जिला मुख्यालय के ठीक सामने अधिकारियों के साथ गांधी स्मृति वन में पौधारोपण किया था। इसमें नौ गृह के पौधों के साथ-साथ चारों ओर अन्य पौधों को लगाया गया था। अधिकारियों व जिम्मेदारों ने प्रभारी मंत्री के जाने के बाद से आज तक इस स्मृति वन की कोई भी सुध नहीं ली है। यही नहीं कई परिषदीय विद्यालयों में लगाए गए पौधा भी मृत हो गए हैं।

शासन की ओर से जनपद को इस बार 21 लाख पौधारोपित करने का लक्ष्य मिला था। जिसके सापेक्ष नौ जुलाई को हुए वृहद पौधारोपण अभियान में विभाग के मुताबिक लक्ष्य से 34 हजार अधिक पौधारोपित होने का दावा किया जा रहा है। जबकि धरातल में यदि इन पौधों की बात करें तो आधे से अधिक पौधा तो सूख गए जबकि कुछ अन्ना जानवरों का चारा बन गए। यहीं नहीं बीते माह की चार जुलाई को तत्कालीन प्रभारी जिला मंत्री डॉ. धर्मपाल सिंह सैनी ने ककोर स्थित जिला मुख्यालय में जिला योजना की बैठक में शामिल होने के बाद उन्होंने ककोर मुख्यालय के ठीक बाहर गांधी स्मृति वन में कई पौधों को रोपित करने के साथ-साथ यहां पर नौ गृह वाटिका के तहत भी नौ अलग-अलग पौधों को रोपित किया था। मंत्रीजी के जाते ही वन विभाग की ओर से इन पौधों पर जाली आदि लगाते हुए गांधी स्मृति वन के चारों ओर चार लगा दिए गए। जिससे कि इनकी सुरक्षा हो सके। लेकिन यहां लगाए गए एक भी पेड़ वर्तमान में जीवित नहीं हैं। क्या कहते हैं जिम्मेदार-

अधिक बरसात होने के कारण पेड़ सड़ गए होंगे। जल्द ही उनके स्थान पर दूसरे जीवित पौधों को रोपित कराया जाएगा। -

सुंदरेशा, प्रभागीय वन अधिकारी

Posted By: Jagran

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