संवादसूत्र, दिबियापुर: जिले में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में अपात्रों को धनराशि आवंटित कर लगभग तीन करोड़ रुपये की धांधली करने का मामला प्रकाश में आया है। इसी जांच प्रशासन ने शुरू करा दी है। जिला नगरीय विकास अभिकरण परियोजना अधिकारी सुनील कुमार ने थाना में दर्ज कराए मामले में बताया कि योजना में जनपद में 211 अपात्रों में 153 का भुगतान किया गया। बाकी रकम का बंदरबांट कर दिया गया। इसकी जांच जारी है।

प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत डीपीआर 308 में 107 लाभार्थी अपात्र पाए गए हैं। जिसमें 70 लाभार्थियों को एक करोड़ पचास लाख पांच हजार रुपये का भुगतान किया गया। डीपीआर 133 में 18 लाभार्थी अपात्र पाए गए। इसमें 14 पात्रों को 23 लाख रुपये का भुगतान किया गया। डीपीआर 116 में नौ लाभार्थी अपात्र पाए गए, जिसमें आठ को 12 लाख रुपये का भुगतान किया गया। वहीं डीपीआर 182 में 73 लाभार्थी अपात्र पाए गए, इसमें एक करोड़ एक लाख पचास हजार रुपये का भुगतान किया गया। इसके अतिरिक्त डीपीआर में नाम दर्ज किए बगैर वह बिना जियो टैग के चार लाभार्थियों को प्रथम व द्वितीय किश्त का आठ लाख रुपये का भुगतान व औरैया निवासी एक अपात्र को डेढ़ लाख रुपये का भुगतान किया गया। इस प्रकार कुल दो करोड़ 96 लाख पचास हजार रुपये अपात्रों को आवंटित कर दिए गए। कई बार शिकायतों के बाद एसडीएम और उप जिलाधिकारी की समिति द्वारा चली औरैया बिधूना तहसील में लंबी जांच के बाद जिला नगरीय विकास अभिकरण परियोजना के अधिकारी ने छह कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

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इन पर दर्ज हुई एफआइआर:

जिला नगरीय विकास अभिकरण परियोजना अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि परियोजना अधिकारी पवन कुमार, परियोजना अधिकारी सीएमई अनीता, सीएलटीसी आशीष कुमार, टेक्नो फाउंडेशन के सर्वेयर पीएमसी विजय कुमार, शैलेंद्र कुमार और कौशल कुमार पर एफआइआर दर्ज कराई गई है।

Edited By: Jagran