जागरण टीम, औरैया: खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) का सपना जिले में साकार होते नहीं दिख रहा। कारण, ओडीएफ के तहत बने इज्जतघर पर लगाया गया ताला है। ताला भी इसलिए कि निर्मित इज्जतघर प्रयोग लायक नहीं हैं। क्योंकि उनकी गुणवत्ता मानकविहीन बताई जा रही है। जो बने हैं वो कभी भी खराब हो सकते हैं। दूसरे रूप में कहे तो कागजों पर सब ठीक है लेकिन धरातल पर अधिकारियों व ठेकेदारों के कार्य चुगली करते दिख रहे हैं। मनमानी इस कदर है कि महिलाओं के लिए बने पिक इज्जतघर पर भी ताला डाल दिया गया है। ऐसा क्यों किया गया, इसका जवाब किसी के पास नहीं।

भाग्यनगर विकासखंड की ग्राम पंचायतों करही में बना सामुदायिक इज्जतघर बंद है। इसके अलावा कस्बे व संपर्क मार्ग किनारे की नाली गंदगी से बजबजा रही है। बारिश में नाली का पानी लोगों के घरों के सामने भर जाता है। पानी की कोई निकासी न होने व साफ-सफाई के अभाव की वजह से यह दिक्कत है। जिस कारण लोग परेशान हैं। सफाई व्यवस्था की बदहाल तस्वीर को स्वच्छ करने का कार्य नहीं किया जा रहा। सिर्फ खानापूरी हो रही। कहरी गांव निवासी फरमान अली, मोहित, विजय पाल, शेर सिंह, विकास, कैलाश बाबू का कहना है कि गांव में सफाई का कार्य नहीं होता है। गांव में बने सामुदायिक इज्जतघर में ताला पड़ रहता है। एडीओ पंचायत सुरेश चंद्र पांडेय ने बताया कि गांव में रोस्टर के तहत सफाई कार्य कराया जाता है। इज्जतघर में ताला लगे होने की जानकारी नहीं है। उधर, औरैया विकासखंड के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में भी यही हाल है। कांशीराम कालोनी में महिलाओं के लिए बना पिक इज्जतघर बंद रहता है। जिस कारण कालोनी के अलावा आसपास की महिलाओं को परेशान होना पड़ता है। इस बाबत नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी बलवीर सिंह का कहना है कि सुविधाओं पर फोकस करते हुए निर्माण में हुई कमियों को दूर किया जाएगा।

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