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    कंपोजिट विद्यालय में कक्षा सात की छात्रा को सांप ने डंसा, प्रधानाचार्या ने फिर जो दिखाई हिम्मत... बची जान

    Updated: Mon, 17 Nov 2025 09:19 PM (IST)

    - पुरवा सक्टू गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय की घटना-डाक्टर ने उपचार कर बचाई छात्रा की जानसंवाद सूत्र, जागरण, दिबियापुर: क्षेत्र के पुरवा सक्टू गांव स्थि ...और पढ़ें

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    संवाद सूत्र, जागरण, दिबियापुर (औरैया)। क्षेत्र के पुरवा सक्टू गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय में सोमवार को कक्षा सात की छात्रा को सांप ने डंस लिया। स्वजन के पहुंचने में देर ना हो जाए। इसलिए प्रधानाचार्य वंदना ने सूझबूझ दिखाते हुए छात्रा को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। इतना ही नही सांप की पहचान के लिए वह उसे अपने साथ सीएचसी भी ले आईं। प्रधानाचार्य की सूझबूझ से छात्रा को समय रहते उपचार मिल गया। जिससे उसकी जान बच गई।

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    पुरवा सक्टू गांव निवासी लक्ष्मण सिंह की 14 वर्षीय बेटी हिमांशी रोज की तरह विद्यालय गई थी। रैली की तैयारी के लिए छात्र-छात्राएं खड़े हुए थे। वहीं शटर के पास हिमांशी भी खड़ी थी। तभी अचानक उसके उल्टे हाथ के अंगूठे में जहरीले सांप ने काट लिया। छात्रा ने घटना की जानकारी अन्य छात्रों व शिक्षकों को दी। पहले शिक्षकों ने छात्रा को घर भेजने को कहा। लेकिन प्रधानाचार्य वंदना ने निर्णय लिया कि छात्रा को तत्काल अस्पताल ले जाया जाएगा।

     

    प्रधानाचार्य ने छात्रा के घर भी सूचना दी। लेकिन उसके परिवार के लोग खेत में धान कटाई में व्यस्त होने के चलते तुरंत आने में असमर्थता जताई। इस पर प्रधानाचार्य परेशान हो गईं। उधर गांव के लोग एकत्र हो गए। उन्होंने सांप को मार डाला। इसी दौरान गांव का युवक संदीप वहां पहुंचा। प्रधानाचार्य ने युवक के साथ छात्रा को बाइक से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वह अपने साथ डाक्टर को जानकारी देने के लिए मरे हुए सांप को भी ले आईं। ड्यूटी पर तैनात डा. धर्मेंद्र ने तुरंत उपचार शुरू किया।

     

    डॉक्टर ने बताया कि सबसे बेहतर यह रहा कि प्रधानाचार्य सांप को भी साथ लेकर आई थीं। जिससे यह पहचानने में आसानी हुई कि सांप कितना जहरीला था। कई घंटे चले इलाज के बाद छात्रा को सुरक्षित घर भेज दिया गया। छात्रा के खतरे से बाहर होने की जानकारी के बाद प्रधानाचार्य ने राहत की सांस ली। प्रधानाचार्य ने बताया कि घबराहट में उन्हें ध्यान ही नहीं रहा कि वह एंबुलेंस को ही फोन कर सकती हैं।

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