करवा चौथ पर पति-पत्नी साथ रख रहे व्रत, औरैया में दिखी प्रेम और समानता की झलक
औरैया में करवा चौथ की परंपरा बदल रही है, जहाँ अब पति भी अपनी पत्नियों के साथ व्रत रख रहे हैं।

यह बदलाव दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास और समान सहभागिता को दर्शाता है।
HighLights
पति भी पत्नी के साथ करवा चौथ का व्रत रख रहे हैं।
यह बदलाव दांपत्य जीवन में प्रेम और समानता दर्शाता है।
औरैया में त्योहार को मिल रहा नया और आधुनिक रूप।
संवाद सूत्र, औरैया। करवाचौथ पर अब व्रत और उपवास की परंपरा में बदलाव देखने को मिल रहा है। पत्नी की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के लिए मनाए जाने वाले इस पर्व पर अब कुछ पति भी अपनी पत्नी के साथ व्रत रख रहे हैं। दांपत्य जीवन में आपसी प्रेम, विश्वास और समान सहभागिता का यह अंदाज त्योहार को नया रूप दे रहा है।
परंपरागत रूप से करवाचौथ का व्रत महिलाएं निर्जला रखती हैं और शाम को सोलह शृंगार कर विधि-विधान से पूजा करती हैं। चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत खोलती हैं। हालांकि, बदलते समय में कुछ दंपती इस परंपरा को साथ निभाने की पहल कर रहे हैं। पति भी पत्नी के साथ दिनभर उपवास रखकर पूजा और चांद देखने के समय में सहभागी बन रहे हैं।
त्योहार को लेकर दंपती में खास उत्साह रहता है। जहां महिलाएं साड़ी, लहंगे, मेहंदी और आभूषणों से शृंगार करती हैं, वहीं पति भी नए कपड़े पहनकर पूजा में शामिल होते हैं। कई दंपती एक-दूसरे को उपहार देकर अपने रिश्ते में प्रेम और अपनापन जताते हैं।
करवाचौथ का यह बदलता स्वरूप पति-पत्नी के रिश्ते में बराबरी और एक-दूसरे की भावनाओं के सम्मान का संदेश देता है। परंपरा की मूल भावना को कायम रखते हुए साथ में व्रत रखना अब कुछ दंपती के लिए प्रेम और समर्पण व्यक्त करने का खास तरीका बन रहा है।
रोहित शर्मा ने कहा कि करवाचौथ प्रेम और विश्वास का पर्व है। पत्नी के साथ व्रत रखकर उनकी भावनाओं का सम्मान करने और जीवनभर सुख-दुख में साथ निभाने का संदेश मिलता है। आशीष शर्मा ने कहा कि समय के साथ करवाचौथ मनाने का अंदाज बदल रहा है। अब पति भी पत्नी के साथ व्रत रखकर इस पर्व की खुशियां साझा कर रहे हैं। इससे आपसी प्रेम, सहयोग और रिश्तों में मजबूती आती है।
वहीं रीता शर्मा का मानना है कि करवाचौथ पर हर महिला सुंदर दिखना चाहती है। इस बार पारंपरिक परिधानों के साथ आधुनिक शृंगार का चलन बढ़ा है, जिससे त्योहार की रौनक और बढ़ गई है। प्रियंका कुमारी ने कहा कि करवाचौथ पर सोलह शृंगार का विशेष महत्व है। इस बार मल्टीकलर लहंगे, मैचिंग नेल आर्ट और आकर्षक मेहंदी डिजाइन महिलाओं के बीच खास पसंद बने हैं।
