औरैया दोहरा हत्याकांड: 19 अगस्त को आएगा फैसला, पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक 10 आरोपियों का निर्णय सुनाएगी कोर्ट
औरैया के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड का फैसला 19 अगस्त को आएगा, जिसमें पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक सहित 10 आरोपितों पर विशेष एमपीएमएलए कोर्ट निर्णय सुनाएगी।

HighLights
औरैया दोहरे हत्याकांड का फैसला 19 अगस्त को सुनाया जाएगा।
पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक सहित 10 आरोपितों पर कोर्ट निर्णय देगी।
अधिवक्ता मंजुल चौबे और बहन सुधा की हत्या का मामला।
जागरण संवाददाता, औरैया। बुधवार 19 अगस्त को जनपद के सर्वाधिक चर्चित दोहरे हत्याकांड व उससे संबंधित मुकदमों का फैसला आएगा। जिसमें सपा के पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक सहित 10 आरोपितों का विशेष एमपीएमए कोर्ट विनय प्रकाश सिंह निर्णय सुनाएंगे।
15 मार्च 2020 को शहर के मुहल्ला नरायनपुर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में अधिवक्ता मंजुल चौबे व उसकी चचेरी बहन सुधा की गोली लगने से मौत हो गई थी, जिसमें लिखाई गई रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने 16 मार्च 2020 को आरोपित पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक, उनके दो भाई संतोष पाठक (पूर्व ब्लाक प्रमुख), रामू पाठक, सरकारी गनर अवनीश प्रताप सिंह, कुलदीप अवस्थी उर्फ पप्पू, विकल्प उर्फ चैनू अवस्थी, राजेश शुक्ला, छोटू उर्फ लवकुश (किशोर अपचारी), आशीष दुबे, शिवम अवस्थी, रविंद्र चौबे उर्फ लला को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया।
जेल में निरुद्ध आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया। इस मामले में केवल सरकारी गनर अवनीश प्रताप सिंह को ही जमानत मिल सकी। शेष 10 विभिन्न जेलों में निरुद्ध चल रहे है। पुलिस ने आरोपियों पर 26 जून 2020 को गैंग्सटर एक्ट लगाया था।
गैंग्सटर एक्ट के मामले में 24 मार्च 2026 को गनर के अलावा सभी आरोपितों को दोषी मानकर कोर्ट ने दंडित किया। कमलेश पाठक को छह साल व एक लाख रुपये अर्थदंड, शेष दोषियों को पांच-पांच वर्ष की कैद व 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जो जेल में रहकर ही सजा काट चुके हैं।
विशेष एमपीएमएलए न्यायालय में दोहरे हत्याकांड, पुलिस द्वारा लिखाए गए प्राणघातक हमला, आयुध अधिनियम के मामले का विचारण चल रहा था। बहस के बाद इन सभी की सुनवाई पूरी हुई। न्यायालय ने निर्णय की तिथि 19 अगस्त तय कर दी।
कमलेश पाठक पर प्रशासन ने सात जनवरी 2026 को दोबारा गैंग्सटर का मामला दर्जकर नौ मार्च 2026 को आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया। उन पर जेल में रहकर रंगदारी वसूलने, फर्जी लिखा पढ़ी कराने व गैंग्सटर के मामले लंबित रहेंगे। जिन्हें लेकर पाठक ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर रखी है।
फिलहाल अभियोजन व बचाव पक्ष की निगाहें 19 अगस्त को न्यायालय द्वारा होने वाले फैसला पर लगी हैं। बुधवार को जिला जजी परिसर में खासी गहमा गहमी को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं।
