जागरण संवाददाता, औरैया: लॉकडाउन के बाद भी दूसरे राज्यों और जनपदों से गांव लौट रहे लोगों की ट्रैकिग अब आशा करेंगी। यही नहीं गांव वालों को बचाव व सतर्कता के लिए जागरुक भी करेंगी। इसके लिए उन्हें अप्रैल व मई में एक-एक हजार रुपये मानदेय में बढ़कर मिलेगा।

जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वह अपने क्षेत्र के सभी घरों का भ्रमण करें और ऐसे घरों को चिन्हित करें जहां 14 दिनों के भीतर अन्य राज्यों या शहरों से लोग आए हैं। ऐसे लोगों की भी लाइन लिस्टिग करें जो किसी कोरोना संक्रमित के संपर्क में आए हों। इसके साथ ही उन परिवारों की सूची आशा कार्यकर्ता आशा संगिनी के माध्यम से ब्लाक कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर (बीसीपीएम) को दें, जिसे वह अपलोड करेंगे ताकि उसको ब्लाक, जिला व मंडल से लेकर प्रदेश स्तर तक के अधिकारी देख सकें। होम क्वारंटाइन लोगों का फॉअप भी करेंगी। डीसीपीएम अजय बताते हैं कि आशा कार्यकर्ता पिछले 15 दिनों के भीतर बाहर की यात्रा करने वालों पर भी नजर रखेंगी । इसके साथ ही 60 साल से अधिक उम्र के लोगों और पहले से ही डायबिटीज, हाईपरटेंशन, हृदय और स्वसन संबंधी बीमारी से ग्रसित लोगों के घरों का प्राथमिकता पर भ्रमण करेंगी । आशा के कार्यों का सत्यापन आशा संगिनी करेंगी और जहां आशा संगिनी नहीं हैं वहां एएनएम सत्यापन करेंगी ।भ्रमण के दौरान आशा कार्यकर्ता परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य जैसे- बुखार, खांसी या सांस लेने में तकलीफ के बारे में जानकारी लेंगी और परिवार के किसी भी सदस्य में इस तरह के लक्षण हैं तो उन्हें जरूरी सावधानी बरतने के बारे में बताएंगे। आशा भी बरतें सतर्कता

आशा से कहा गया है कि गृह भ्रमण के दौरान वह लोगों से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाएं रखें । किसी प्रकार की भीड़ न लगने दें और लोगों को भी इस बारे में बताएं । भ्रमण से पहले और बाद में आशा साबुन-पानी से अच्छी तरह से हाथ धोएं।

Posted By: Jagran

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