जागरण संवाददाता, औरैया: शहर के मोहल्ला ब्रह्मनगर स्थित तालाब पर सालों से अवैध कब्जे हैं। जिसको लेकर हाइकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। सुनवाई पर कोर्ट ने जिला प्रशासन को कब्जा मुक्त कराए जाने का आदेश दिया जारी किया है। इसके बाद अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के आदेश पर नगरपालिका प्रशासन द्वारा अवैध कब्जाधारकों को एक माह के अंदर कब्जा छोड़ने के लिए नोटिस जारी किया है। कब्जा न छोड़ने की स्थिति में कार्रवाई की चेतावनी दी है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि तालाब की भूमि पर 27 कब्जे हैं। उधर, बिधूना तहसील के गांव एरवाटिकटा में सार्वजनिक धर्मशाला की जमीन पर हो रहे कब्जे को शनिवार रुकवाया गया।

औरैया शहर के यमुना रोड स्थित चड्ढ़ा टाकीज के सामने की भूमि तालाब के नाम से दर्ज है। जिस पर अवैध कब्जे कर लोगों के कारखानें चल रहे हैं। इन अवैध कब्जों को लेकर हाइकोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की गई थी। जिसकी सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जिला प्रशासन को कब्जा मुक्त कराने का आदेश जारी किया। जिसके बाद अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रेखा एस चौहान के आदेश पर नगर पालिका प्रशासन ने मामले से संबंधित 27 अवैध कब्जाधारकों को नोटिस भेजा है। रेखा एस चौहान ने बताया कि शहर में जहां कहीं अवैध कब्जे हैं, उसे चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। किसी भी सूरत में सार्वजनिक भूमि, सरकारी जमीन, तालाबों पर कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी बलवीर सिंह को निर्देश दिए गए हैं।

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धर्मशाला की जमीन पर हो रहे कब्जे को प्रशासन ने रोका

एरवाकटरा: बिधूना तहसील के गांव एरवाटिकटा निवासी पुरुषोत्तम ने अपर मुख्य सचिव को प्रार्थना पत्र देकर सार्वजनिक धर्मशाला की भूमि पर अवैध निर्माण को रोके जाने की शिकायत पूर्व में की थी। उप जिलाधिकारी राशिद अली खान ने निर्माण कार्य रुकवाया है। शनिवार को जांच करने पहुंची राजस्व टीम ने कब्जा कर रहे लोगों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा यदि दोबारा कोशिश की गई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि धर्मशाला खस्ताहाल होने की वजह से गांव के कुछ दबंग लोगों ने बेशकीमती जमीन पर कब्जे की नीयत से निर्माण कार्य कराया जा रहा था।

Edited By: Jagran