अमरोहा : मौसम विभाग की मानें तो मंगलवार को जनपद में बरसे बादल अभी कुछ और दिन बरसेंगे। हालांकि, बीते दिन पूरा शहर जलभराव की समस्या से जूझा लेकिन, मौसम के पूर्वानुमानों ने उन लोगों की चिता बढ़ा दी है, जिनके घरों व दुकानों में बरसात का पानी भर जाता है। अब सिर पर मंडराते बादल उनको डरा रहे हैं।

शहर कोतवाली, नखासा बाजार, मोहल्ला बटवाल, कोट चौराहा व आजाद मार्ग, ऐसी जगह हैं। जहां बरसात में घुटनों तक पानी भर जाता है और दुकानों में घुस जाता है। इसके अलावा फड़ व ठेला लगाने वाले लोग भी जलभराव की वजह से स्थान नहीं चुन पाते हैं। उनके सामने भी बरसात से रोजगार का संकट खड़ा हो जाता है। दैनिक जागरण की टीम ने लोगों से मामले को बातचीत की तो सभी जलभराव को मुकद्दर का हिस्सा करार दिया। मेरी आजाद मार्ग पर कोल्ड ड्रिक की दुकान है। जलभराव अब मुकद्दर का हिस्सा बन गया है। निजात की उम्मीद न के बराबर है। नेता वादे करते हैं लेकिन, समस्या जस की तस बनी है। जलभराव के साथ ही रोजगार भी सिमट रहा है।

कमाल अहमद, मुरादाबादी गेट। नेता मंच से वादा करते हैं कि इस बार पानी की समस्या से छुटकारा दिलाकर ही दम लेंगे लेकिन, चुनाव के बाद बात खत्म हो जाती है। पानी भरा रहने से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बनी रहती है। मैं ठंडी सड़क यानी आजाद मार्ग पर कोल्ड ड्रिग की दुकान करता हूं।

शहजाद अली, मुरादाबादी गेट। मोहल्ले में ही साइबर कैफे चलाता हूं। यहां की नालों की सफाई हर बार होती है लेकिन, फिर भी जलभराव हो जाता है। जानवरों के अवशेष यहां पड़े रहते हैं। बीते दिन बरसात को देखकर लग रहा था कि इस बार भी दुकानों से पानी निकालना पड़ेगा।

पुनीत रस्तोगी, काला कुंआ।

Posted By: Jagran

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