अमरोहा : कोरोना को मात देकर लौटे यौद्धाओं ने दैनिक जागरण से बातचीत में बताया कि संक्रमित होने के बाद घबराने के बजाय उसका डटकर मुकाबला करें। दवा के साथ मुंह पर मास्क लगाएं व हाथों को बराबर सैनिटाइज करते रहें। कोविड गाइड लाइन ही कोरोना को हराने का असली हथियार है। -मैं 15 जनवरी को संक्रमित हुआ था। संक्रमित होने के बाद मैंने हिम्मत नहीं हारी और उसका डटकर मुकाबला करता रहा। कोरोना को हराने को मास्क, सैनिटाइजर समेत कोविड की गाइडलाइन का इस्तेमाल किया। जिसमें स्वजनों का सहयोग भी रहा। दवा के साथ पौष्टिक भोजन लेते रहे। इसके जरिये मैंने कोरोना को हरा दिया।

-डॉ. विनोद कुमार, एसीएमओ।

-मैं भी कोरोना पॉजिटिव हो चुका हूं। इसकी जानकारी मिलने के बाद मैंने हिम्मत नहीं हारी। कोविड प्रोटोकाल का पालन किया। मुंह पर मास्क, हाथों को सैनिटाइज करता रहा। हल्दी मिला दूध लेने के साथ ही समय पर दवा ली। बस इतने प्रयास से कोरोना को मात दे दी।

-देवेश राय, जिला डाटा आपरेटर।

-कोरोना को हराने के लिए कोविड गाइडलाइन अपनाना ही मूलमंत्र है। संक्रमित होने के बाद घर वालों से दूरी बनाकर रखी। हिम्मत बनाकर कोरोना से बराबर लड़ता रहा। जिससे मैंने कोरोना जंग जीत ली और पूरी तरह स्वस्थ हूं।

-योगेश, श्रीवास्तव। मैं भी कोरोना के कहर से गुजर चुका हूं। जिसमें मैंने हिम्मत से काम लिया और घर पर मास्क, सैनिटाइजर का इस्तेमाल करता रहा। शारीरिक दूरी का पालन किया। समय से दवा के साथ इम्यूनिटी बढ़ाने वाली चीजों का सेवन किया और कोरोना से 14 दिन तक लड़ता रहा। अब मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं।

-अमित कुमार।

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