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UP में 16 हजार मदरसों के बैंक खातों की जांच शुरू, ATS खंगाल रही विदेशी फंडिंग और छात्रों का रिकॉर्ड

Published: Wed, 26 Aug 2026 06:00 AM (IST)

उत्तर प्रदेश के हजारों वित्तविहीन मदरसे एटीएस के रडार पर हैं, जो उनके खातों में आय के स्रोत और व्यय ...और पढ़ें

मदरसा

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HighLights

  1. फंडिंग को लेकर हो रही खातों की जांच, छात्रों का ब्योरा भी जुटाया

आसिफ अली, अमरोहा। प्रदेश के हजारों वित्तविहीन मदरसे खुफिया एजेंसियों के रडार पर हैं। एक इनपुट मिलने के बाद सभी मदरसों के खातों में आय के स्रोत और व्यय का ब्योरा एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) खंगाल रही है। प्रदेश में 24,962 मदरसे हैं। इनमें से लगभग 16 हजार मदरसे वित्तविहीन हैं। इनका संचालन निजी संस्थाएं करती हैं।

अमरोहा के मदरसों में भी मदरसों को संचालित करने के लिए कहां से फंड जुटाया जा रहा? मदरसे में कितने छात्र पढ़ते हैं, कहां के रहने वाले हैं? आदि सवालों के जवाब लेने व रिकार्ड खंगालने के साथ मदरसों के बैंक खातों की जांच भी की जा रही है।

विदेशी फंडिंग या स्थानीय स्तर पर कब-कब कहां से कितनी धनराशि मदरसा को प्राप्त हुई, इसका जवाब भी मदरसा संचालकों से लिया जा रहा है। इसके बाद रकम देने वालों का रिकार्ड भी खंगाला जाएगा।

संदिग्ध गतिविधियों को लेकर प्रदेश के मदरसे एक बार फिर खुफिया एजेंसियों के निशाने पर आ गए हैं। अब एटीएस ने मदरसों की जांच शुरु कर दी है। बता दें कि प्रदेश में कुल 24962 मदरसे संचालित हैं। जिनमें 16513 मान्यता प्राप्त तो 8449 गैर मान्यता प्राप्त मदरसे हैं।

मान्यता प्राप्त मदरसों में 558 मदरसा अनुदानित हैं। यानी उनके संचालन के लिए सरकार से बजट मिलता है। जबकि लगभग 16 हजार मदरसे वित्तविहीन हैं।

एटीएस से जुड़े सूत्र बताते हैं कि अगस्त 2026 के अंत में मिले एक इनपुट के बाद प्रदेश के सभी जिलों में संचालित मदरसों की जांच की जा रही है। इनमें वित्तविहीन मदरसों का संचालन किस प्रकार से किया जा रहा है तथा कहां से उनके संचालन के लिए धन जुटाया जा रहा है, इसकी जांच शुरु कर दी गई है।

सभी मदरसों के बैंक खातों के लेनदेन का ब्योरा की जांच के साथ ही मदरसों में कितने छात्र हैं तथा वह कहां के रहने वाले हैं जैसे बिंदु की जांच भी हो रही है। हालांकि प्रारंभिक जांच में कोई अहम जानकारी सामने नहीं आई है। अभी जांच चल रही है इसलिए कुछ संदिग्ध मिला या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है।

बताया कि जांच पूरी होने के बाद ही इन मदरसों को होने वाली फंडिंग की तस्वीर साफ होगी। सभी वित्तविहीन मदरसा संचालकों से आय-व्यय के ब्योरा को स्पष्ट करने के लिए नोटिस देकर जवाब भी मांगा जाएगा।

वहीं एटीएस की इस कार्रवाई से मदरसा संचालकों में भी खलबली मची हुई है। सभी जिलों के अल्पसंख्यक विभाग में भी अधिकारी व कर्मचारी पशोपेश में हैं। बता दें कि आतंकी गतिविधियों को लेकर जिले के दो मदरसा 2007 में खासे चर्चा में रहे थे।

पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का एरिया कमांडर अबु हमजा जिले के एक मदरसा में शिक्षा ग्रहण कर गया था। जिसे 29 अप्रैल 2007 को कश्मीर में सुरक्षा बलों में मुठभेड़ में मार गिराया था। वहीं बंग्लादेश व कश्मीर के छात्र भी मदरसों में शिक्षा ग्रहण कर चुके हैं।

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