कारतूस प्रकरण : शासन ने निलंबित किया प्रतीक के पिता की दुकान का लाइसेंस

जेएनएन, अमरोहा: पिता के नाम से संचालित शस्त्र की दुकान से कारतूस चोरी करने वाले प्रतीक सक्सेना की कारगुजारी परिवार पर भारी पड़ गई है। कारतूस पकड़ने जाने के बाद अब शासन ने दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। साथ ही जिला प्रशासन ने लाइसेंस स्वामी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। प्रतीक अभी जेल में बंद है, जबकि इस मामले में बीमार पिता को हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिल चुकी है। 22 अप्रैल को फिरोजाबाद के टुंडला रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने दो भाई फैजान और शादाब को गिरफ्तार किया था। उनके पास से सात हजार कारतूस पकड़े गए थे। यह कारतूस उन्हें हसनपुर के प्रतीक ने बेचे थे। जोकि पिता की शस्त्र लाइसेंस की दुकान से चोरी किए थे। इस मामले में प्रतीक 25 अप्रैल को जेल जा चुका है। जबकि विवेचना में प्रकाश में आए प्रतापगढ़ के आशीष मिश्रा और फिरोजाबाद के फिरोज भी जेल में हैं। इस मामले में प्रतीक के वृद्ध पिता सुशील सक्सेना भी नामजद किए गए थे। उन्हें हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। जिलाधिकारी बीके त्रिपाठी ने मई में इस प्रकरण की रिपोर्ट शासन को भेजी थी। इसमें प्रतीक के पिता के नाम से जारी दुकान के लाइसेंस को निलंबित करने की संस्तुति भी की थी। शनिवार को शासन ने दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। साथ ही सुशील को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। कारतूस चोरी के प्रकरण में आरोपित प्रतीक के पिता के नाम से जारी दुकान का लाइसेंस शासन स्तर से निलंबित किया जा चुका है। इस संबंध में शासन से आख्या मिल गई है। जिला स्तर से भी लाइसेंस धारक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। - बीके त्रिपाठी, डीएम। प्रतीक समेत चार के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल जागरण संवाददाता, अमरोहा: टुंडला के साथ ही प्रतीक व उसके पिता के खिलाफ हसनपुर कोतवाली में भी मुकदमा दर्ज कराया गया था। विवेचना के दौरान प्रतीक के दो सहयोगियों के नाम भी प्रकाश में आए थे। अब पुलिस ने इन चारों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। जबकि विवेचना प्रचलित है तथा कई अन्य पुलिस के रडार पर हैं। कारतूस प्रकरण में प्रतीक का नाम सामने आने के बाद स्थानीय कोतवाली में भी उसके साथ ही पिता सुशील के खिलाफ 12 मई को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। डीएम बीके त्रिपाठी के आदेश पर दुकान को सील कर दिया गया था तथा समस्त रिकार्ड भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया था। उस दौरान जांच में रिकार्ड में भी गड़बड़ी मिली थी। विवेचना के दौरान प्रतापगढ़ के आशीष मिश्रा व फिरोजाबाद के फिरोज का नाम भी प्रकाश में आया था। उन्हें भी हसनपुर पुलिस ने आरोपित बनाया है। दरअसल प्रतीक सीधे तौर पर आशीष मिश्रा को कारतूस बेचता था। जबकि आशीष फिरोज के माध्यम से अन्य लोगों को चोरी के कारतूस की बिक्री करता था। अब इस मामले में हसनपुर पुलिस ने प्रतीक, उसके पिता, आशीष व फिरोज के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। बताया जा रहा है कि अभी कई लोग पुलिस के रडार पर हैं जो प्रतीक के माध्यम से चोरी के कारतूस की खरीद-फरोख्त में शामिल हैं। मेरठ व अलीगढ़ से भी जुड़े थे तार प्रतीक द्वारा पिता की दुकान से कारतूस चोरी कर बेचने के के तार मेरठ व अलीगढ़ से भी जुड़े थे। अभी हसनपुर पुलिस वहां भी संदिग्धों पर नजर रख रही है। प्रतीक के साथ आशीष व फिरोज के संपर्क में कौन कौन थे, उनका पता लगाया जा रहा है। माना जा रहा है कि जल्दी ही इस चर्चित कारतूस प्रकरण में अमरोहा पुलिस द्वारा आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उच्चाधिकारी सारे प्रकरण पर नजर रखे हुए हैं।

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