अमरोहा: मनरेगा मजदूरों की मजदूरी किसके बैंक खाते में जा रही थी। यह जानने के लिए डीसी मनरेगा मिथिलेश तिवारी ने बैंक प्रबंधकों को पत्र जारी किया है। जल्द ही खाताधारकों का ब्योरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, इस मसले में डीसी रोजगार सेवक व ब्लॉक में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश खंड विकास अधिकारी जाकिर हुसैन को दे चुके हैं। हालांकि, मनरेगा में हुए इस गड़बड़झाले पर अफसर बराबर नजर रखे हुए हैं। यह था मामला

कुछ दिन पहले गांव के मनरेगा मजदूरों ने डीएम को शिकायती पत्र दिया था कि वह मजदूरी करते हैं लेकिन, भुगतान दूसरे खातों में जा रहा है। धनराशि उनकी बजाय कोई और निकाल रहा है। फर्जी कार्डों के जरिए यह खेल खेला जा रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी उमेश मिश्र ने अफसरों को जांच के आदेश दिए थे। बीडीओ गंगेश्वरी मोहम्मद जाकिर ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की थी। मनरेगा मजदूरों से बातचीत की थी। जिनके नाम कार्ड बने थे, वह गांव में मौजूद नहीं मिले थे। जांच के दौरान ही फर्जी जॉबकार्डों का पर्दाफाश हो गया था। मामले में रोजगार सेवक व ब्लॉक में तैनात एक कंप्यूटर ऑपरेटर की मिलीभगत पाई गई थी। फर्जी मस्टर रोल तैयार कर धनराशि का भुगतान किया जा रहा था। फर्जी जॉबकार्ड बनाकर सरकारी धनराशि का गबन किया गया है। मसले में जिला समन्वयक मनरेगा ने गड़बड़झाले में संलिप्त मिले कंप्यूटर ऑपरेटर को निष्कासित करने व रोजगार सेवक को हटाने के निर्देश बीडीओ को दिए थे। अब यह पता लगाया जा रहा है कि धनराशि किसके खातों में गई है। वे कौन लोग हैं। इसके लिए बैंक प्रबंधकों को पत्र लिखा गया है। जल्द ही उनसे सभी खाताधारकों की पूरी डिटेल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके मिलने के बाद खाताधारकों पर भी कार्रवाई की जाएगी। पूरे प्रकरण पर नजर रखी जा रही है।

मिथिलेश तिवारी, डीसी मनरेगा

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