अमरोहा, जेएनएन : तिगरी में गंगा का जलस्तर स्थिर बना हुआ है। पहाड़ी जलाशयों से पानी गंगा में उतार-चढ़ाव के साथ छोड़ा जा रहा है। इस कारण कभी 10-20 सेमी बढ़ रहा है तो कभी घट जा रहा है। इसका प्रभाव गंगा से सटे गांवों के खेतों व रास्तों में भरे पानी पर नहीं पड़ रहा है। ग्रामीणों की परेशानी कम नहीं हो पा रही है। उधर बाढ़ नियंत्रण खंड मुरादाबाद के नए अधिशासी अभियंता अजय प्रताप सिंह ने भी शुक्रवार की शाम तिगरी व ब्रजघाट में पहुंचकर गंगा के जलस्तर का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।

शुक्रवार सुबह से देरशाम तक बाढ़ नियंत्रण खंड के अधिकारी तिगरी में गंगा की गेज 199.80 ही होना बता रहे हैं जबकि गुरुवार की शाम 199.90 पर पहुंच गई थी। इस हिसाब से 24 घंटे में महज दस सेमी ही जलस्तर कम हुआ है लेकिन, इससे गंगा के बहाव में कोई खास कमी नहीं आई। जलस्तर अभी स्थिर माना जा रहा है। चूंकि अभी भी तिगरी में गंगा का पानी कच्चे घाटों पर ही है। वहीं गंगा से सटे गांवों के खेतों व रास्तों भी पानी भरा हुआ है। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते ग्रामीण अपने खेतों पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। उन्हें पशुओं के लिए हरे चारे का बंदोबस्त करना भी मुश्किल हो रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी ग्राम दारानगर, शीशोवाली, जाटोवाली,ढाकोवाली इत्यादि गांवों के लोगों को हो रही है।

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बाढ़ नियंत्रण खंड के नए एक्सइएन ने लिया जायजा

गजरौला : बाढ़ नियंत्रण खंड मुरादाबाद के नए अधिशासी अभियंता अजय प्रताप सिंह ने शुक्रवार की शाम तिगरी, पपसरा व ब्रजघाट स्थित क्षेत्रों में पहुंचकर गंगा के जलस्तर व तटबंधों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने एसडीओ अजय जैन व जेई को गंगा में पानी के उतार-चढ़ाव की स्थिति को देखते हुए नजर बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा कहीं भी कटान होने पर तत्काल सूचना देने की हिदायत दी।

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आंकड़े

तिगरी में गंगा की गेज- 199.800

तिगरी में खतरे का निशान- 202.420

ब्रजघाट में गंगा की गेज- 198.200

ब्रजघाट में खतरे का निशान-199.340

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हरिद्वार बैराज से सुबह छोड़ा गया पानी- 95303 क्यूसेक

बिजनौर बैराज से शाम चार बजे छोड़ा पानी- 85693 क्यूसेक

Edited By: Jagran