गजरौला : अभी तक रामगंगा पोषक नहर का पुल नहीं होने की दिक्कत झेल रहे ग्रामीणों के सामने बाढ़ के पानी ने चुनौतियां और बढ़ा दी हैं। हालत यह हो गई है कि गांव से बाहर आने-जाने के लिए उन्हें सिर पर बोझा तो हाथों में चप्पल लेकर पानी में काफी दूर तक पैदल चलना पड़ रहा है। मोटर साइकिलें फंस कर बंद हो जा रहीं हैं।

मंडी धनौरा तहसील क्षेत्र का गांव दारानगर रामगंगा पोषक नहर के पार बसा है। हाल में बिजनौर बैराज के द्वारा गंगा नदी में एक लाख दस हजार से क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद गंगा व नहर दोनों उफन पड़ी। इनका पानी समीप के खेतों को पार करते हुए गांवों तक के रास्तों में भर गया। सबसे अधिक पानी दारानगर, अलीनगर, जाटोवाली, ढाकोवाली, शीशोवाली इत्यादि के रास्तों पर भर गया। दारानगर की झुग्गो देवी की तबीयत खराब होने पर उन्हें दवा की जरूरत पड़ी तो उनके बेटे गंगा राम को उन्हें लेकर पैदल इस पानी को पार करना पड़ा। इस दौरान बाढ़ के पानी में पैदल चलने पर थैले में भरा घरेलू उपयोग का सामान व पैरों के चप्पल खराब नहीं हो जाए। इस कारण चप्पल उतारकर हाथों में थामनी पड़ी तो सामान सिर पर रखकर चलना पड़ा। कमोवेश इसी तरह की दिक्कत से अन्य ग्रामीणों को भी जूझना पड़ रहा है। गांवों में घुसा पानी, तलाश रहे ऊंचाई वाले ठिकाने

गजरौला : तिगरी गंगा के उस पार पानी का दबाव अधिक चल रहा है। इस कारण उस पार बसे गांव वासीवाली मढैया, कुदैनी समेत कई छोटे-छोटे गांवों व डेरों में भी पानी घुस गया है। वासीवाली मढैया के सोमपाल, छोटे, जगदीश, राजपाल व राजेंद्र इत्यादि ने बताया कि शुक्रवार की रात उनके गांव में बाढ़ का पानी आ गया। मंदिर के समीप तक पहुंचे बाढ़ के पानी में बाहरी तरफ के कई ग्रामीणों की झोपड़ियां व बोंगे इत्यादि भी घिर गए हैं। उनमें पानी भर गया। इन ग्रामीणों को अपना सामान ऊंचाई वाले स्थान तलाश कर वहां पहुंचाना पड़ रहा है। वहीं खेतों व रास्तों पर पानी भरने से भैंसा बुग्गी व ट्रैक्टर-ट्राली तक ले जाने में दिक्कत आ रही है। बिजनौर बैराज से पानी छूटने के कारण जलस्तर बढ़ गया है। इस कारण पानी कुछ गांवों के खेतों व रास्तों पर पहुंच गया था, लेकिन अब कम होने लगा है। गांवों की आबादी तक पानी पहुंचने की सूचना नहीं है। बाढ़ की आशंका वाले सभी गांवों पर नजर रखी जा रहे हैं। लेखपाल मुस्तैद हैं। पुलिस व बाढ़ खंड के स्टाफ से संपर्क बनाए हुए हैं।

विवेक यादव, एसडीएम, मंडी धनौरा। तिगरी समेत अन्य स्थानों का जलस्तर घटने लगा हैं। रविवार को गंगा की गेज भी 200.10 पाई गई, जो शनिवार की अपेक्षा पांच सेमी कम है। हालांकि रात बैराज बैराज से छोडे जाने वाले पानी की मात्रा बढ़ गई थी, लेकिन शाम चार बजे घटकर 55238 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज होने से सुबह तक जलस्तर और कम हो जाने के आसार हैं। फिलहाल कहीं कोई खतरे वाली बात नहीं है।

मनोज कुमार, एक्सईएन, बाढ़ नियंत्रण खंड डिवीजन, मुरादाबाद।

Posted By: Jagran

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