अमरोहा : डिडौली पुलिस द्वारा पकड़ी गई सरकारी गल्ला लदी डीसीएम को तीसरे दिन छोड़ दिया गया। गल्ला व्यापारी द्वारा मंडी समिति में 94 हजार 875 रुपये का शमन शुल्क जमा कराने के बाद अफसरों ने उसे हरी झंडी दे की। जबकि डीसीएम में लदे बोरे सरकारी राशन के थे।

बुधवार रात को डिडौली पुलिस ने भीकनपुर मूुंढ़ा में गल्ला लदी डीसीएम पकड़ी। छह लोगों को भी पकड़ कर कोतवाली लाया गया। डीसीएम में सरकारी राशन के बोरों में गेहूं व चावल लदा था। इसकी सूचना तभी पूर्ति विभाग को दे दी गई। पूर्ति विभाग के अधिकारियों ने अगले दिन भी कोतवाली पहुंचकर जांच नहीं की। डीसीएम में 230 कुंतल गेहूं व चावल था।

शुक्रवार की दोपहर एआरओ प्रतिमा शर्मा ने डीसीएम में लदे गल्ले की जांच की तथा अपनी रिपोर्ट एसडीएम सदर विवेक यादव को सौंप दी। एआरओ की रिपोर्ट के मुताबिक डीसीएम में किसान का गल्ला लदा था। बोरे सरकारी लेकिन पुराने हैं। इस पर एसडीएम ने शमन शुल्क जमा कर डीसीएम छोड़ने का आदेश जारी कर दिया। इसी रिपोर्ट पर मंडी समिति ने किसान महबूब अली निवासी अतरासी कलां के नाम 94 हजार 875 रुपये के शमन शुल्क की रसीद काट कर दे दी। डीसीएम को छोड़ दिया गया।

बोरों को पुराना बता कर दी गई थी रिपोर्ट अमरोहा: जिस डीसीएम में सरकारी राशन पकड़ा गया था उसमें वर्ष 2019 के बोरे मिले हैं। नियमानुसार वर्ष 2019 से सरकारी राशन के बोरों का निजी प्रयोग करने पर पाबंदी लगाई जा चुकी है। इसके बाद भी इन बोरों को पुराना दर्शा कर रिपोर्ट बना दी गई। तीन दिन बाद कार्रवाई होना काफी चर्चा में है। डिडौली पुलिस द्वारा गल्ला पकड़े जाने का मामला संज्ञान में आने के बाद एआरओ से जांच कराई गई थी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर मंडी समिति में शमन शुल्क जमा कराने का आदेश दिया था।

विवेक यादव, एसडीएम। एआरओ द्वारा डीसीएम में पुराने बोरे में राशन लदा होने संबंधी रिपोर्ट दी गई थी। किसान से 94 हजार 875 रुपये का मंडी शुल्क जमा कराया गया है।

विकास कुमार, मंडी सहायक।

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