हसनपुर : युवा अवस्था में शराब पीने के आदी हो चुके मजदूर की बीमारी की हालत में शराब का सेवन करने से मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मचा है। लोगों ने मजदूर की मौत के लिए मुहल्ले में कच्ची शराब बनाकर बेचने वालों को जिम्मेदार ठहराते हुए हंगामा किया।

मामला नगर के मुहल्ला खेवान का है। मुहल्ला निवासी ¨टकू (35) के परिवार की आर्थिक स्थित कमजोर है। किसानों के खेतों में मेहनत मजदूरी करके वह परिवार के लिए दो जून की रोटी का प्रबंध करता था। मुहल्ले में बनाकर बेची जा रही कच्ची शराब पीने से वह शराब का आदी बन गया। शराब पीने से उसका स्वास्थ्य खराब होता जा रहा था। शराब का वह इतना आदी हो चुका था कि बीमार होने के बावजूद भी वह शराब नहीं छोड़ पा रहा था। परिजनों के मुताबिक शनिवार को वह दवाई लेकर आया। शाम को कच्ची शराब पीने से उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उपचार हेतु मेरठ ले गए। वहां इलाज के दौरान सोमवार की सुबह 11 बजे उसकी मौत हो गई।

उसने अपने पीछे पत्नी गजना के अलावा चार मासूम बेटी व एक बेटे को छोड़ा है। पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल की। हालांकि परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया है। भाई की भी शराब से गई थी जान

हसनपुर: ¨टकू के बडे़ भाई गिरीश की भी एक साल पहले शराब का सेवन करने से मौत हो गई थी। मुहल्ले में चर्चा है कि कच्ची शराब की तीव्रता बढ़ाने के लिए जहरीले पदार्थ मिलाए जाते हैं। लगातार शराब का सेवन करने वाले दर्जन भर से अधिक लोग पिछले कुछ वर्षों में मौत के मुंह में पहुंच चुके हैं। शराब से महिलाएं परेशान

हसनपुर : मुहल्ले में कच्ची शराब बनाकर बेचने के धंधे से खासकर महिलाएं अत्यंत दुखी हैं। युवक की मौत के बाद पहुंची पुलिस से लोगों ने शराब बेचने वालों पर शिकंजा कसने की मांग की। हंगामा करते हुए आरोप लगाया कि शराब बनाकर बेचने का धंधा महिलाएं तक कर रही है। सरकारी अमला इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। इसी कारण इस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। ¨टकू बीमार चल रहा था। बीमारी के कारण ही उसकी मौत हुई है। लोग बेवजह इस मामले को शराब से जोड़ रहे हैं। इस संबंध में कोई तहरीर भी पुलिस को नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर पुलिस जरूर कार्रवाई करेगी।

राजेंद्र प्रसाद, कस्बा इंचार्ज, हसनपुर।

Posted By: Jagran

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