अमरोहा : कहावत है कि दाने-दाने पर लिखा है खाने वाले का नाम लेकिन राशन माफिया इन दानों पर खाने वाले का नाम बदल रहे हैं। राशन डीलर तकनीकी ऑपरेटरों से मिलकर डेटाबेस से गरीब आदमी के आधार कार्ड में फेरबदल कर उसे फर्जी आधार से जोड़ रहे हैं। इसके बाद फर्जी आधार के जरिये उसके हिस्से का अनाज डकार रहे हैं। खेल करने के बाद फिर असली हकदार का आधार फीड कर दिया जाता है।

भारत सरकार ने गरीबों को भरपेट भोजन के लिए खाद्यान्न योजना चला रखी है। इसमें गरीब को दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल देने की दर निर्धारित है। राशन कार्ड बनवाने के लिए परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड लिक कराना होता है, ताकि गरीबों के राशन पर कोई डाका न डाल सके। इसके बावजूद पूर्ति विभाग की साठगांठ से कुछ कोटेदार गरीबों का राशन हड़प रहे हैं।

अमरोहा नगर में ऐसे हजारों लोग है जिनके यूनिटों को काटकर दूसरे के नाम पर जोड़ दिया गया है। वहीं फर्जीवाड़े का एक नया मामला सामने आया है। मोहल्ला मुल्लाना के मोहम्मद असलम की पत्नी आयशा गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रही हैं। उनके पांच बच्चे हैं। परिवार की जीविका के लिए पति रिक्शा चलाते हैं। आयशा ने कई बार राशन कार्ड बनवाने के लिए अपना आधार कार्ड लगाकर आवेदन किया लेकिन राशनकार्ड नहीं बनाया गया।

राशन कार्ड बनवाने के लिए जब ऑनलाइन आवेदन किया तो पता चला कि उनके आधार कार्ड नंबर- 631647978962 लैंडमार्क निवासी फूल सिंह की पत्नी जगवती के नाम पर राशन बंट रहा है। इतना ही नहीं इस कार्ड पर उसके हिस्से का राशन भी निकाला जा रहा है। आयशा शिकायत को लेकर अधिकारियों के चक्कर काटकर थक चुकी हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसे करते हैं डीलर गड़बड़ी

अमरोहा : कुछ डीलर तकनीक ऑपरेटरों से मिलकर डेटाबेस से गरीब आदमी का आधार एडिट कर फर्जी आधार लगा देते हैं फिर फर्जी आधार से उसके हिस्से का अनाज निकाल लिया। इसके बाद फिर असली आदमी का आधार फीड कर दिया गया। चर्चा है कि विभागीय अधिकारियों को भी सब कुछ पता जानकारी है, लेकिन किसी वजह से चुप्पी साधे हुए हैं।

किसी का आधार कार्ड दूसरे व्यक्ति के नाम होना और उस पर राशन मिलना गंभीर मामला है। किसी को ऐसी कोई परेशानी है तो लिखित में शिकायत करें। मामले की शीघ्र ही जांच कर समस्या का निस्तारण कराया जाएगा।

राजीव शुक्ला, जिला पूर्ति अधिकारी, अमरोहा।

मैनुअल रजिस्टर से राशन वितरण कराने की उठी मांग

मंडी धनौरा : राशन डीलर एसोसिएशन ने एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर ई मशीन काम नहीं करने का आरोप लगाते हुए राशन वितरण मैनुअल रजिस्टर के माध्यम से कराने की अनुमति देने की मांग की।

राशन विक्रेताओं का कहना है कि ई-मशीन सही से काम नहीं करने के कारण राशन वितरण नहीं हो पा रहा है। उपभोक्ताओं को राशन उठाने में परेशानी हो रही है जबकि राशन उनके स्टाक में मौजूद है। जनहित में राशन वितरण मैनुअल आधार पर किए जाने का आदेश देने की मांग की।

इस पर एसडीएम संजय बंसल ने राशन विक्रेताओं को अपना-अपना कुल स्टाक तत्काल गोदाम प्रभारी को दर्ज कराए जाने के निर्देश दिए। साथ ही राशन वितरण मैनुअल रजिस्टर के आधार पर किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो भी उपभोक्ता राशन ले उसके आधार कार्ड की फोटो कापी अवश्य ली जाए ताकि सुनिश्चत हो कि सही उपभोक्ता द्वारा ही राशन लिया गया है।

Posted By: Jagran

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