गजरौला : सरकार से छूट मिलने के बाद रविवार को दिन निकलते ही राखी, मिठाई की दुकानें खुल गईं। इसकी जानकारी होते ही ग्राहकों की भी भीड़ जुट गई, जो देरशाम तक खरीदारी कर रही थी।

सोमवार को राखी का पर्व है। इससे पूर्व शनिवार व रविवार को बंदी के दिन पड़ रहे थे। व्यापारी संगठनों ने पर्व को देखते हुए बंदी निरस्त करने की मांग की थी। रेलवे स्टेशन के व्यापारी नवीन गर्ग ने कई दिन पूर्व इस मांग को उठाते हुए सोशल मीडिया पर भी पोस्ट डाली थी। शनिवार को शासन स्तर से राखी पर्व को देखते हुए राखी व मिठाई की दुकानें खोले जाने का आदेश जारी हो गया। लिहाजा रविवार को थाना चौराहा, बस्ती, रेलवे स्टेशन और चौपला की राखी व मिठाई की दुकानें खुलने पर ग्राहकों की भीड़ लगी रहीं। इन दुकानों की आड़ में चौपला चौकी क्षेत्र में कुछ अन्य दुकानदार भी आधी दुकानें खोलकर बैठे रहे। पुलिस के गुजरने पर दुकानें बंद कर दे रहे हैं। चाइनीज राखियों से किनारा, स्वदेशी की मांग

हसनपुर: भारत और चीन के रिश्तों की कड़वाहट रविवार को राखी की दुकानों पर भी देखने को मिली। मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ के आदेश पर राखी व मिठाई की दुकानें खुलीं। बहनों ने भाइयों की कलाई में बांधने के लिए राखियां खरीदी। इस दौरान महिलाएं चाइनीज राखियों की खरीदारी करने से साफ बचती नजर आईं।

महिलाओं में चर्चा रही कि चीन से भारत के रिश्ते बेहतर नहीं हैं भारत के सैनिकों की शहादत के बाद से देश के लोग चाइनीज उत्पादों का बहिष्कार कर रहे हैं। हसनपुर के बाजार में रविवार को स्वदेशी राखियों की मांग रही। बहनों ने भाइयों की कलाई में बांधने के लिए प्यार की डोर खरीदी। मिठाई की दुकानों पर भी महिलाओं की भीड़ लगी रहीं।

Posted By: Jagran

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