गजरौला : बेसिक शिक्षा विभाग में इन दिनों डीबीटी (डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर) का मुद्दा छाया हुआ है। शिक्षक इसका विरोध कर दफ्तरों में तैनात कर्मियों से ही कराने की मांग कर रहे हैं। लेकिन, शासन ने उनकी मांग नजरअंदाज कर उनको ही आनलाइन सिस्टम में दक्ष बनाने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए प्रत्येक ब्लाक पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। जो, शिक्षकों को डीबीटी के बारे में सिखाएंगे।

शासन द्वारा आदेश दिया गया है कि प्रेरणा पोर्टल पर डीबीटी (डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सभी बच्चों के नाम, पते, आधार नंबर, खाता संख्या, पिता का नाम आदि दर्ज किया जाएं। चूंकि इस बार नौनिहालों के खाते में इसी विधि से जूते-मोजे, यूनिफार्म, बैग आदि के 1100 भेजे जाने हैं। इसलिए यह कार्य स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को सौंपा गया।

शिक्षकों द्वारा यह कार्य नहीं किया जा रहा है। क्योंकि किसी के पास स्मार्ट फोन नहीं तो कोई काम करने में दक्ष नहीं है। यही वजह है कि शिक्षक इस कार्य में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं और अधिकांश नौनिहालों के अभिभावकों के खाते में न तो पैसा पहुंचा और न ही ब्योरा अपलोड हो पाया है।

अब शासन के आदेश पर शिक्षा विभाग ने प्रत्येक ब्लाक पर नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए शिक्षकों को प्रशिक्षित करने की योजना बनाकर लागू कर दी है। अमरोहा में प्रत्येक ब्लाक में नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए गए हैं। गजरौला में जिला समन्यवक सतेंद्र सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। वह प्रत्येक विद्यालय के प्रधानाध्यापक संग बैठक कर डीबीटी के बारे में बताएंगे। ब्लाक पर तैनात नोडल अधिकारी, प्रधानाध्यापकों को स्मार्ट फोन चलाने के साथ ही डीबीटी के बारे में दक्ष करेंगे। कार्य शुरू हो गया है। पोर्टल पर अपलोडिग का कार्य भी तेज हो गया है।

राकेश कुमार गौड़, बीईओ, गजरौला।

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