अमरोहा, जेएनएन: जनपद के मालीखेड़ा गांव में बन रहे स्टेडियम के निर्माण के मामले में एक ओर जहां पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है वहीं, प्रशासन ने भी अब कार्यदायी संस्था को किसी भी धनराशि का भुगतान या शासन से डिमांड नहीं करने का फैसला लिया है। जल्द से जल्द काम को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। निर्माण कार्य पूरा होने पर फिर मानकों की जांच अफसरों द्वारा कराई जाएगी। कसौटी पर पूरी तरह खरा उतरने के बाद ही स्टेडियम को हैंडओवर की कार्रवाई होगी।

बता दें कि 10 करोड़ 69 लाख रुपये की लागत से अमरोहा तहसील क्षेत्र के मालीखेड़ा गांव में यह स्टेडियम बन रहा है। जिसका निर्माण कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम इकाई मुरादाबाद करा रही है। सोमवार को हुई बारिश में स्टेडियम की दीवार गिर गई थी। जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खुल गई थी। डीएम ने एसडीएम सदर व एक्सइएन आरईएस को जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे। दोनों अधिकारियों ने जांच पड़ताल के बाद अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी थी। उनके आदेश पर एसडीएम ने जांच में दोषी परियोजना में नामित कार्यदायी संस्था के पर्यवेक्षणीय अधिकारी परियोजना प्रबंधक/इकाई प्रभारी, स्थानीय अभियंता एवं अवर अभियंता तथा ठेकेदार के प्रतिनिधि के खिलाफ देहात थाने में एफआइआर दर्ज करा दी थी। डीएम ने उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए एमडी राजकीय निर्माण निगम लि. लखनऊ को पत्र लिखा था। ये रही मानकों की अनदेखी

जांच में अधिकारियों ने पाया कि कार्यदायी संस्था द्वारा ठेकेदार से मिट्टी का भराव ठीक से नहीं कराया गया। निर्माण के समय मानकों के अनुरूप वीप होल्स नहीं बनाए गए, जिसके कारण बाउंड्रीवाल गिर गई है। जनपद स्तर पर निर्माणाधीन कार्यों के सत्यापन के लिए गठित समिति की आख्या 3 फरवरी 2020 में बाउंड्रीवाल में मानक अनुरूप वीप होल्स बनाए जाने के लिए पहले भी कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया गया था। यदि वीप होल्स बनाए जाते तो दीवार क्षतिग्रस्त होने से बचाई जा सकती थी। स्पष्ट है कि संबंधित संस्था ने दीवार में पानी की उचित निकासी का समुचित इंतजाम नहीं किया व डिजाइनिग में कमी भी दीवार गिरने का एक कारण बनी। क्या बोले अधिकारी

मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अभी पदनाम के हिसाब से ही रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। विवेचना के दौरान आरोपितों के नाम सामने आएंगे। जल्द ही उसको पूरा कर लिया जाएगा। सुनील मलिक, प्रभारी थाना अमरोहा देहात ठेकेदार पर कार्रवाई का जिम्मा कार्यदायी संस्था पर है। बहरहाल, अब किसी तरह का भुगतान कार्यदायी संस्था को नहीं होगा। न ही धनराशि की डिमांड की जाएगी। संस्था को ही स्टेडियम का पूरा निर्माण कराना है। जिसके पूर्ण होने पर समिति बनाकर जांच का कार्य कराया जाएगा।

बालकृष्ण त्रिपाठी, जिलाधिकारी।