अमरोहा : प्रचंड गर्मी के बीच बुधवार को सुबह से छाई धुंध से मौसम उमस भरा हो गया। इसके चलते दिनभर लोग बेचैन रहे। सुबह से लेकर शाम तक का मौसम ऐसा रहा मानो जैसे आसमान से धूल भरी बारिश हो रही हो। हाईवे पर राहगीरों को लगता रहा कि सामने से आंधी आ रही है। धुंध के चलते जहां जबर्दस्त उमस बढ़ गई वहीं सांस और डिहाईड्रेशन के रोगियों की संख्या भी बढ़ गई। जिला अस्पताल से लेकर निजी चिकित्सालयों में मरीजों की लाइन लगी रही। बुधवार को मौसम लोगों की समझ से परे रहा। गर्मी के मौसम में काफी सालों बाद इस तरह का मौसम देखने में आया। सुबह से ही आसमान में धुंध छाई रही। धुंध के कारण सूर्य देवता भी छिपे-छिपे रहे। धुंध इस कदर छाई रही कि उनकी तीव्र रोशनी भी धरती को छू नहीं सकी। मगर इससे उमस और बढ़ गई। हाईवे और राज्य मार्गों पर चलने वाले बाइक सवारों को ऐसा प्रतीत होता रहा कि आगे धूल भरी आंधी चल रही है। ऐसे में कई तो बाइक रोककर आंधी आने का इंतजार करते भी दिखे। मगर जब उन्हें कोई परिवर्तन नहीं दिखा तो आगे की ओर बढ़ते गए। जैसे-जैसे वह आगे बढ़ते गए धूल भरी आंधी वाला मौसम भी बढ़ता चला गया। धूल भरे दिन में बहुत से लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत आई। यही नहीं पूरे दिन उमस चरम पर रही। कूलर और पंखे की हवा भी गर्म लगती रही। गर्मी के कारण न तो लोगों को घर में सुकून मिला और न ही बाहर चैन रहा। ऐसे में हर वर्ग परेशान रहा। सबसे ज्यादा परेशानी रोजेदारों को हुई। बंबूगढ़ निवासी राम किशन ने प्राइवेट चिकित्सक के पास पहुंच कर बताया कि आज सांस लेने में परेशानी आ रही है। इसी तरह जिला अस्पताल में भी सांस के मरीजों की संख्या बढ़ गई।

-धूल से इंसान को सबसे पहले सांस लेने में परेशानी होती है। उसके कण श्वसन नली में फंस जाते हैं। बुधवार पूरा दिन धुंध भरा रहा। सुबह से देर शाम तक इस कदर धुंध छायी रही मानो धूल बरस रही हो। इससे सांस के कई एक मरीज क्लीनिक पहुंचे। इसके साथ ही उमस बढ़ने से डिहाईड्रेशन की समस्या भी बढ़ गई। कई मरीजों को तो ड्रिप भी चढ़ानी पड़ी।

डॉ. प्रांजल मिश्रा, फीजिशियन

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