जेएनएन, अमरोहा : रेलवे का दावा है कि ठंड आने पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। परंतु ऐसा लगता है कि सतर्कता धरातल पर नहीं बल्कि कागजों में बरती जा रही है। क्योंकि गजरौला में रेलवे स्टेशन के पास ही ट्रैक पर विभागीय अधिकारियों की बड़ी लापरवाही दौड़ रही है। ट्रैक को थामे रखने वाले पैंड्रोल क्लिप निकले पड़े हैं। वो भी एक दो नहीं बल्कि दो दर्जन से अधिक। ऐसे में ट्रैक डगमगाने के साथ ट्रेन बेपटरी होने का भी खतरा बना हुआ है। लेकिन, अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है।

रेलवे विभाग के अधिकारियों के मुताबिक स्थानीय रेलवे स्टेशन से रोजाना सौ से अधिक ट्रेन का आवागमन होता है। यहां पर चार रेलवे ट्रैक बने हुए हैं। जिन पर ट्रेन आती-जाती रहती हैं। इसके बाद भी विभागीय अधिकारियों द्वारा पूरी जिम्मेदारी के साथ ट्रैक की निगरानी नहीं करवाई जा रही है। अब ठंड का मौसम चल रहा है। ऐसे में ट्रैक भी सिकुड़ने लगता है।

इसके बाद भी दिल्ली-मुरादाबाद रूट पर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 के पास ट्रैक से दो दर्जन से अधिक पैंड्रोल क्लिप बाहर निकले पड़े हैं। अगर, ऐसे ही देखते हुए आगे भी निकले तो संख्या कम नहीं होगी। बताते हैं कि पैंड्रोल क्लिप निकले होने की वजह से रेल की पटरी भी ढीली पड़ी हुई है। अगर, समय रहते ये क्लिप नहीं लगाए गए तो ट्रैक डगमगाने के साथ ट्रेन बेपटरी का खतरा बनने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। ट्रैक की निगरानी को लगी है 45 पेट्रोलिग मैन की ड्यूटी

ठंड का मौसम आते ही रेलवे ने ट्रैक की निगरानी शुरू करने दावा किया। काफूरपुर से गढ़मुक्तेश्वर तक ट्रैक पर नजर रखने के लिए 45 पेट्रोलिग मैन की ड्यूटी भी लगाई गई है। लेकिन, शायद वह कागजों ही चल रही है। अगर, सच्चाई के साथ कार्य होता तो इस तरह से ट्रैक से क्लिप निकले हुए नहीं होते। खास बात है कि इन कर्मियों के पास डिवाइस भी होती। इसके माध्यम से यह पता लगता है कि कर्मी ड्यूटी के समय पर कहीं गायब तो नहीं है। इसके बाद भी ऐसी लापरवाही बरती जा रही है। चोरी होते हैं पैंड्रोल क्लिप

विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही से ही रेलवे ट्रैक से पैंड्रोल क्लिप चोरी होते हैं। क्योंकि इस तरह क्लिप ट्रैक से बाहर निकले होते हैं और कबाड़ी या अन्य लोग उन्हें उठाकर बेच देते हैं। अगर, कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी के साथ ट्रैक की देखभाल करेंगे तो शायद चोरी भी नहीं होंगे। रेलवे ट्रैक पर पैंड्रोल क्लिप निकलने का मामला संज्ञान में नहीं है। अगर, ऐसा है तो इसकी जांच कराकर पीडब्लूआई को अवगत कराया जाएगा। ताकि क्लिप को लगवाया जा सके। -देवेंद्र सिंह, स्टेशन अधीक्षक, गजरौला

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