अमरोहा : शहर के अधिकांश तालाबों पर माफिया का कब्जा होने से शहर में जलभराव के हालात हैं। पालिका की शिकायतों के बाद भी अधिकारियों द्वारा सहयोग नहीं किया गया। जबकि जनपद एवं तहसील स्तर पर एंटी भू-माफिया सेल का भी गठन है। अधिकारियों की सुस्ती से माफिया के हौसले बुलंद हैं। पालिकाध्यक्ष शशि जैन ने अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं मुख्य सचिव को चिट्ठी लिखकर शहर के तालाबों को माफिया के चंगुल से मुक्त कराए जाने की मांग की है।

मुख्य सचिव एवं शासन को लिखी चिट्ठी में पालिकाध्यक्ष शशि जैन ने कहा है कि प्राचीन काल से ही अमरोहा नगर में बड़े-बड़े तालाब थे। इनमें मुख्यत: पनबाड़ी व कुशक तालाब थे, जिनमें अमरोहा नगर का जल प्रवाहित होता था। धीरे-धीरे अवैध रूप से इन तालाबों को माफिया द्वारा पाटना शुरू कर दिया। मौजूदा समय में भी तालाबों का पटान बदस्तूर जारी है लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों इन तालाबों पर कब्जा करने वाले माफिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। अधिकारियों की सुस्ती का ही नतीजा है कि इन दो बड़े तालाबो के पट जाने के कारण ही नगर मे जलभराव की समस्या उत्पन्न हुई है जिसने आज विकराल रूप धारण कर रखा है।

कहा है विशेष रूप से कुशक तालाब पटाव से नगर के प्रमुख मुहल्ले जलमग्न हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त पनवाड़ी तालाब पटने से नगर के मुल्लाना नौग•ा, सटटी आदि मोहल्ला सहित नगर की प्रमुख धार्मिक एवं शैक्षिक संस्थाएं व मदरसा जामा मस्जिद का क्षेत्र जलमग्न हो जाता है। पालिकाध्यक्ष ने स्थानीय स्तर पर अधिकारियों का सहयोग न मिलने पर नगर के प्रमुख तालाबों के अवैध पटान पर तत्काल रोक लगाए जाने तथा इन तालाबों को पुर्नजीवित किए जाने की मांग सीएम योगी आदित्यनाथ एवं मुख्य सचिव से की है।

पालिकाध्यक्ष द्वारा सीएम एवं मुख्य सचिव को चिट्ठी लिखी जाने से भू-माफिया में हड़कंप मचा हुआ है।

Posted By: Jagran